साज़िश का साया और सुबह की हलचल
अगली सुबह जब सूरज की पहली किरण खन्ना मेंशन की खिड़कियों से टकराई, तो माहौल कल की तुलना में कुछ बदला-बदला सा था। आर्यन डाइनिंग टेबल पर बैठा अखबार पढ़ रहा था, लेकिन उसका ध्यान बार-बार सीढ़ियों की तरफ जा रहा था। जैसे ही राधिका नीचे आई, दोनों की नज़रें मिलीं। राधिका ने तुरंत अपनी नज़रें चुरा लीं और पाखी के पीछे छिपने की कोशिश करने लगी।
"गुड मॉर्निंग राधिका! आज सूरज कहाँ से निकला है? तुम इतनी शांत?" देब ने कॉफी का घूँट लेते हुए मुस्कुराकर पूछा।
"वो... वह बस सर में थोड़ा दर्द था जीजू," राधिका ने हकलाते हुए कहा और चुपचाप नाश्ता करने लगी।
आर्यन ने धीरे से टेबल के नीचे से राधिका के पैर को अपने पैर से छुआ। राधिका उछल पड़ी और उसके हाथ से जूस का गिलास गिरने ही वाला था कि आर्यन ने उसे थाम लिया। "संभल के 'चिटकनी', कहीं फिर से 'संतुलन' न बिगड़ जाए," आर्यन ने शरारत भरी आवाज़ में फुसफुसाकर कहा।
वह रहस्यमयी शख्स
तभी घर की बेल बजी। एक कूरियर बॉय एक बड़ा सा बुके लेकर आया था, जिस पर कोई नाम नहीं था, बस राधिका के लिए एक छोटा सा कार्ड था। कार्ड पर लिखा था:
"जो कल रात हुआ, वह तो बस एक इत्तेफाक था... असली खेल तो अब शुरू होगा। तुम्हारी मुस्कान बहुत कीमती है, इसे बचाकर रखना।"
कार्ड पढ़ते ही राधिका के चेहरे की रंगत उड़ गई। उसने खिड़की की तरफ देखा, जहाँ रात वह काली गाड़ी खड़ी थी, वहाँ अब सिर्फ धूल के निशान थे। आर्यन ने उसके हाथ से वह कार्ड छीन लिया। उसकी आँखें गुस्से से लाल हो गईं।
"भैया, यह कोई मज़ाक नहीं लग रहा," आर्यन ने गंभीर होकर देब को कार्ड दिखाया। देब, जो अब तक पाखी के साथ सुकून के पल बिता रहा था, अचानक अपने पुराने 'रफ एंड टफ' अंदाज़ में आ गया।
सुरक्षा का घेरा
देब ने तुरंत अपने सिक्योरिटी हेड को फोन किया। "मेंशन के चारों तरफ सीसीटीवी फुटेज चेक करो। रात 2 बजे से सुबह 6 बजे के बीच जो भी गाड़ी यहाँ रुकी थी, उसका नंबर मुझे अभी चाहिए!"
पाखी ने राधिका का हाथ पकड़ा, जो कांप रहा था। "डर मत राधिका, जब तक देब और आर्यन यहाँ हैं, कोई तुम्हारा कुछ नहीं बिगाड़ सकता।"
आर्यन राधिका के पास गया और उसका कंधा थपथपाया। "सुन, वह जो भी है, उसे पता नहीं है कि उसने किससे पंगा लिया है। तू डर मत, और हाँ... वह 'मिस तूफान' वाला अवतार वापस ला, यह डरी हुई राधिका मुझे अच्छी नहीं लग रही।"
राधिका ने आर्यन की आँखों में देखा। उन आँखों में कल रात वाली मस्ती नहीं, बल्कि एक रक्षक की दृढ़ता थी। उसने गहरी साँस ली और कहा, "आर्यन, मुझे लगता है यह वही इंसान है जिसने कॉलेज में मेरा पीछा किया था... समीर।"
आने वाला तूफान
समीर—देब के बिजनेस राइवल का बेटा, जिसे राधिका ने एक बार सबके सामने थप्पड़ मारा था। देब के चेहरे पर एक डरावनी शांति छा गई। उसने अपने कोट की आस्तीन ऊपर चढ़ाई और कहा, "अगर वह समीर है, तो उसे यह अहसास दिलाना होगा कि खन्ना परिवार की बेटियों पर नज़र डालना उसकी ज़िंदगी की सबसे बड़ी गलती है।"
लेकिन खेल इतना सीधा नहीं था। जैसे ही देब और आर्यन बाहर जाने के लिए मुड़े, राधिका के फोन पर एक वीडियो मैसेज आया। वीडियो में दिखाया गया था कि मेंशन के पिछले हिस्से में लगे बिजली के मेन स्विच के पास एक टाइमर लगा हुआ है।
"30 मिनट... खन्ना मेंशन की रोशनियाँ बुझने वाली हैं और अंधेरे में मेरा राज होगा," एक भारी आवाज़ गूँजी।
क्या आर्यन और देब इस नए खतरे से अपने प्यार को बचा पाएंगे? क्या राधिका और आर्यन के बीच का वह 'गलती वाला किस' अब एक अटूट रिश्ते में बदल जाएगा