Chapter 1
विराज मल्होत्रा = उम्र: 28 सालविराज शहर का सबसे कामयाब लेकिन सबसे "रूड" (Rude) बिजनेस टाइकून है। वह अनुशासन का पक्का है और उसे देरी बिल्कुल पसंद नहीं। वह अक्सर गहरे रंग के सूट पहनता है और उसकी आँखों में हमेशा एक गंभीरता रहती है।
काव्या = उम्र: 23 साल।काव्या मध्यम वर्गीय परिवार की एक आत्मविश्वासी और खूबसूरत लड़की है। उसकी सादगी ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। वह साड़ियों और झुमकों की शौकीन है और उसकी मुस्कान किसी का भी दिन बना सकती है।
यह कहानी है विराज मल्होत्रा की, जो एक रूड और सख्त मिज़ाज के एडवरटाइजिंग बॉस हैं, और काव्या की, जो एक सीधी-सादी लेकिन अपने काम में माहिर क्रिएटिव हेड है। विराज को लगता है कि ऑफिस में भावनाएं (emotions) नहीं होनी चाहिए, जबकि काव्या मानती है कि हर काम दिल से होना चाहिए। जब विराज काव्या के एक प्रोजेक्ट को बिना देखे रिजेक्ट कर देता है, तो काव्या अपना इस्तीफ़ा (resignation) उसकी टेबल पर रख देती है। लेकिन क्या विराज उसे जाने देगा
ऑफिस के 22वें फ्लोर पर सन्नाटा था, सिवाय विराज के केबिन से आ रही फाइलों के पलटने की आवाज़ के। काव्या बाहर खड़ी अपनी धड़कनें संभाल रही थी। उसके हाथ में एक सफेद लिफाफा था।
उसने दरवाजा खटखटाया।
"अंदर आओ," एक ठंडी और भारी आवाज़ आई।
विराज अपनी लेदर चेयर पर बैठा लैपटॉप में डूबा हुआ था। उसने सर उठाकर नहीं देखा। "काव्या, अगर तुम उस प्रेजेंटेशन के बारे में बात करने आई हो, तो मेरा जवाब अब भी 'नहीं' है। वह बहुत ज़्यादा इमोशनल है, हमें क्लाइंट को बेचना है, रुलाना नहीं।"
काव्या ने एक गहरी साँस ली और लिफाफा उसकी टेबल पर सरका दिया। "मैं प्रेजेंटेशन के लिए नहीं आई हूँ सर। मैं ये देने आई हूँ।"
विराज की नज़रें लिफाफे पर पड़ीं। उसने उसे खोला और फिर काव्या की तरफ देखा। उसकी गहरी भूरी आँखों में गुस्सा और हैरानी दोनों थी। "इस्तीफ़ा? एक छोटे से रिजेक्शन की वजह से तुम नौकरी छोड़ रही हो?"
"यह रिजेक्शन की बात नहीं है, सर," काव्या ने नज़रे मिलाकर कहा। "यह उस नज़रिए की बात है जो आप कभी समझ नहीं पाएंगे।
आपको लगता है कि लोग सिर्फ सैलरी के लिए काम करते हैं, पर कुछ लोग सपनों के लिए भी करते हैं। और जहाँ सपनों की कद्र न हो, वहां मेरा रहना बेकार है।"
विराज अपनी कुर्सी से खड़ा हुआ और धीरे-धीरे चलकर काव्या के पास आया। ऑफिस की लाइट्स में उसका चेहरा और भी सख्त लग रहा था। उसने काव्या के कान के पास झुककर बहुत धीमी आवाज़ में कहा,
"तुम्हें लगता है कि तुम इतनी आसानी से जा सकती हो? तुम्हारा कॉन्ट्रैक्ट अभी 6 महीने का बाकी है, काव्या। और मैं अपनी चीज़ें बीच में छोड़ने का आदी नहीं हूँ।"
काव्या के चेहरे पर पसीना आ गया, पर उसने पीछे हटने से मना कर दिया। "मैं आपकी 'चीज़' नहीं हूँ, सर।"
"अभी तो नहीं," विराज मुस्कुराया, "पर अगले 6 महीनों में तुम खुद तय नहीं कर पाओगी कि तुम मेरी एम्प्लॉई हो या मेरी ज़रूरत।"
क्या विराज सच में काव्या को सिर्फ कॉन्ट्रैक्ट की वजह से रोक रहा है, या इसके पीछे कोई गहरा राज़ है? क्या काव्या विराज की शर्तों के आगे घुटने टेकेगी या उसे अपनी ताकत दिखाएगी? अपनी राय कमेंट्स में ज़रूर बताएं!"
Author name. = Deepti Gurjar