Death Knocks: A New Terror on Every Page. - 11 in Hindi Horror Stories by kajal jha books and stories PDF | मौत की दस्तक: हर पन्ने पर एक नई दहशत। - 11

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मौत की दस्तक: हर पन्ने पर एक नई दहशत। - 11

हवेली का शाप: रूहों का कैनवास

हिमालय की तलहटी में बसा 'नीलगिरी' गांव अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए कम और अपनी सरहदों पर स्थित 'राय बहादुर की हवेली' के लिए ज्यादा जाना जाता था। 19वीं सदी की यह हवेली अब खंडहर बन चुकी थी, लेकिन इसकी भव्यता आज भी राहगीरों को डराने के लिए काफी थी। गांव के बुजुर्ग कहते थे कि उस हवेली के अंदर समय रुक गया है। जो वहां सूर्यास्त के बाद कदम रखता है, वह फिर कभी सूर्योदय नहीं देख पाता।

आर्यन, दिल्ली का एक निडर खोजी पत्रकार और 'पैरानॉर्मल एक्टिविस्ट', इन कहानियों को सिर्फ अंधविश्वास मानता था। उसने तय किया कि वह इस हवेली का सच दुनिया के सामने लाएगा। अपने कैमरे, रिकॉर्डर और ढेर सारे साहस के साथ, वह एक अमावस्या की रात हवेली के मुख्य द्वार पर खड़ा था।

प्रवेश: सन्नाटे की गूँज

जैसे ही आर्यन ने हवेली के विशाल लोहे के गेट को धक्का दिया, एक भारी चरमराहट की आवाज गूंजी, मानो बरसों से सोई हुई कोई बला जाग गई हो। आंगन में सूखी पत्तियों का ढेर लगा था। हवा में एक अजीब सी ठंडक थी, जो हड्डियों को कंपा देने वाली थी।

अंदर कदम रखते ही आर्यन को महसूस हुआ कि वातावरण बदल गया है। बाहर की दुनिया का शोर एकदम खत्म हो गया था। अंदर सिर्फ एक भारी, दबी हुई खामोशी थी। उसने अपनी पावरफुल एलईडी टॉर्च जलाई। रोशनी की किरणें धूल भरे झूमरों और फटे हुए पर्दों पर पड़ीं।

उसने अपना वॉयस रिकॉर्डर चालू किया:

"रात के 11:30 बज रहे हैं। मैं मुख्य हॉल में हूँ। यहां का तापमान बाहर के मुकाबले कम से कम 10 डिग्री कम है। मुझे ऐसा महसूस हो रहा है जैसे कोई मुझे ऊपर की गैलरी से देख रहा है।"

सीढ़ियों का रहस्य और वह पेंटिंग

आर्यन जब हवेली के बीचों-बीच बनी लकड़ी की घुमावदार सीढ़ियों पर चढ़ा, तो हर कदम के साथ लकड़ी के चरमराने की आवाज किसी के कराहने जैसी लग रही थी। ऊपर की मंजिल पर पहुंचते ही उसकी नजर एक लंबे गलियारे पर पड़ी, जिसके अंत में एक बड़ा सा कमरा था।

उस कमरे के बीचों-बीच एक विशाल पेंटिंग टंगी थी। यह इस हवेली की मालकिन, महारानी दमयंती की थी। पेंटिंग इतनी सजीव थी कि ऐसा लगता था मानो वह अभी बोल पड़ेगी। उसकी आंखों में एक गहरी उदासी और असीम नफरत का मिश्रण था।

अचानक, सन्नाटे को चीरती हुई एक आवाज आई—'छन... छन... छन...'

यह पायल की आवाज थी। आर्यन का दिल तेजी से धड़कने लगा। उसने कैमरा उस तरफ घुमाया, लेकिन वहां कोई नहीं था। तभी उसे महसूस हुआ कि कमरे में रखी पुरानी मेज पर रखा एक पीतल का चिराग अपने आप जल उठा है।

अलौकिक घटनाएं: जब डर हकीकत बना

जैसे-जैसे घड़ी की सुइयां 12 की ओर बढ़ीं, हवेली की गतिविधियां हिंसक होने लगीं।

तापमान में गिरावट: कमरे की खिड़कियां अपने आप जोर-जोर से खुलने और बंद होने लगीं। बर्फ जैसी ठंडी हवा के झोंकों ने आर्यन के चेहरे को सुन्न कर दिया।

अदृश्य स्पर्श: उसे लगा कि कोई अदृश्य हाथ उसके गले को दबाने की कोशिश कर रहा है। वह खांसने लगा और घुटनों के बल गिर गया।

दीवारों का रोना: दीवारों से धीरे-धीरे पानी जैसा कुछ रिसने लगा, लेकिन जब आर्यन ने पास जाकर देखा, तो वह गाढ़ा, गहरा लाल खून था।

उसने घबराकर अपना 'EMF मीटर' (इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड डिटेक्टर) निकाला। मीटर की सुई पागलों की तरह नाच रही थी। इसका मतलब था कि वहां ऊर्जा का कोई बहुत बड़ा और नकारात्मक स्रोत मौजूद था।

दमयंती का साया

आर्यन ने हिम्मत जुटाई और चिल्लाया, "तुम जो भी हो, सामने आओ! मैं तुमसे नहीं डरता!"

उसी पल, कमरे का बड़ा आईना चटक गया। शीशे के टुकड़ों में आर्यन को अपना अक्स नहीं दिखा। उसे दिखा कि उसके पीछे एक साया खड़ा है—एक ऐसी औरत जिसकी खाल लटक रही थी, बाल सफेद और बिखरे हुए थे, और उसकी आंखें पूरी तरह काली थीं।

वह धीरे-धीरे आर्यन की ओर बढ़ी। उसके पैर जमीन पर नहीं थे, वह हवा में तैर रही थी। उसने अपना हाथ आर्यन के सीने पर रखा। आर्यन को ऐसा लगा जैसे किसी ने उसके शरीर में बर्फ का टुकड़ा डाल दिया हो। उसकी पूरी जिंदगी की यादें उसकी आंखों के सामने से तेजी से गुजरने लगीं।

उस रूह की आवाज आर्यन के दिमाग में गूंजी:

"तुम भी उन्हीं की तरह आए हो... मेरी खूबसूरती को कैद करने। अब तुम हमेशा के लिए इसी कैनवास का हिस्सा बन जाओगे।"

अंतिम संघर्ष

आर्यन ने भागने की कोशिश की, लेकिन दरवाजे गायब हो चुके थे। चारों तरफ सिर्फ दीवारें थीं जिन पर हजारों चीखते हुए चेहरे उभर रहे थे। उसने देखा कि दीवार पर लगी वह पेंटिंग अब धीरे-धीरे बदल रही थी। महारानी दमयंती के बगल में एक खाली जगह थी, जहां अब धुंधली सी एक आकृति उभरने लगी थी—वह आकृति हूबहू आर्यन जैसी थी।

उसने अपना कैमरा उठाया और फ्लैश लाइट जलाई। उस तेज रोशनी ने एक पल के लिए रूह को पीछे धकेल दिया। आर्यन ने खिड़की की ओर छलांग लगाई और शीशा तोड़कर नीचे बगीचे में गिर गया।

सूर्योदय और सन्नाटा

अगली सुबह जब गांव वाले हवेली के पास से गुजरे, तो उन्होंने देखा कि मुख्य द्वार के पास आर्यन की कार खड़ी थी, लेकिन आर्यन का कहीं पता नहीं था।

पुलिस की तलाशी के दौरान उन्हें सिर्फ आर्यन का कैमरा मिला। जब उसकी आखिरी रिकॉर्डिंग देखी गई, तो उसमें सिर्फ 10 सेकंड का वीडियो था। वीडियो में आर्यन कैमरे की तरफ देख रहा था, लेकिन उसकी आंखें सफेद थीं और उसके पीछे वही पेंटिंग वाली औरत मुस्कुरा रही थी।

आज भी, जो लोग उस हवेली के पास से गुजरते हैं, उन्हें रात में एक नौजवान के चिल्लाने की आवाजें सुनाई देती हैं। और कहते हैं कि हवेली के उस कमरे में अब पेंटिंग बदल गई है—उसमें महारानी के साथ एक नौजवान पत्रकार भी खड़ा है, जिसके हाथ में एक टूटा हुआ कैमरा है।