हमेशा कहा गया — मर्द को दर्द नहीं होता। पर सच ये है कि सबसे गहरी तकलीफ़ें वही चुपचाप सह जाते हैं। यह कहानी है उन लड़कों की, जिनकी खामोशी कोई नहीं सुनता..
लड़कों की अनसुनी कहानी
💔 *"एक लड़के की वो खामोश कहानी, जो किसी ने सुनी ही नह
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मैंने लड़कों की तकलीफ को जितना हो सका, महसूस किया है...
हाँ, आज तक लड़कियों की बात लिखी थी, लेकिन आज दिल ने कहा —
क्या लड़कों की ज़िंदगी वाकई इतनी आसान होती है?
मैंने देखा, लड़कों की ज़िंदगी गुस्से, चुप्पी और खुद को दूर कर देने के पीछे छुपी होती है।
वो खुद को स्ट्रॉन्ग दिखाते हैं,
जैसे उन्हें कुछ फर्क नहीं पड़ता...
पर सच्चाई ये है —
वो कई बार वैसे बनने की कोशिश करते हैं जैसे वो असल में हैं ही नहीं।
खुद को ही बुरा दिखाने लगते हैं, जबकि उनका दिल बहुत साफ होता है।
हाँ, लड़कियों की ज़िंदगी में भी तकलीफ़ें हैं —
पर लड़कों की तकलीफ़ें कोई समझना ही नहीं चाहता।
लड़कियों के लिए बहुत कुछ लिखा गया, कहा गया...
लेकिन लड़कों की फीलिंग्स को हमेशा इग्नोर कर दिया गया।
कई बार लड़के इसलिए भी चुप हो जाते हैं —
क्योंकि दुनिया ने मान लिया है:
मर्द को दर्द नहीं होता!"
उन्हें रोने का, थकने का, शिकायत करने का हक नहीं —
क्योंकि "ये सब तो लड़कियाँ करती हैं" कहकर उन्हें चुप करा दिया जाता है।
पर सच ये है —
कई बार लड़कों की तकलीफ लड़कियों से भी बड़ी होती है।
और सबसे बड़ी बात —
हर कोई उसे इग्नोर कर देता है। मर्द को दर्द नहीं होता" —
ये एक लाइन उनकी पूरी ज़िंदगी बर्बाद कर देती है।
लड़कियों की लाइफ में भी दुख होता है,
लेकिन उनके कंधों पर कभी पूरी फैमिली का पेट भरने,
घर चलाने, खर्चों की फिक्र,
या हर रोज़ की ज़िम्मेदारी का बोझ नहीं होता।
वो सब कुछ बिना बोले, एक लड़के के कंधों पर डाल दिया जाता है —
और वो मना भी नहीं कर सकता।
क्योंकि उसे पता है —
अगर वो नहीं करेगा, तो घर नहीं चलेगा।
उसकी ज़िंदगी का नाम ही बन जाता है:
मेहनत, पैसा और जिम्मेदारी।
उसी से घर चलता है,
उसी से सबको कपड़े, खाना, और चैन मिलता है।
लेकिन उसकी आँखों को कोई नहीं पढ़ता —
कि उसे भी आराम चाहिए, कंधा चाहिए, सुकून चाहिए...
उसे भी रोने, थमने, रुकने का हक चाहिए —
लेकिन नहीं...
उसे तो बस चलता रहना है...
1 मिनट भी रुकना नहीं है।
हाँ, लड़कियों का दर्द बड़ा हो सकता है —
लेकिन एक लड़के की ऐसी एक तकलीफ होती है,
जिसके सामने कभी-कभी वो सब भी छोटा लगने लगता है।
उसे भी टूटने पर दर्द होता है,
वो भी किसी ऐसे साथी की तलाश करता है
जो उसकी आँखों से उसके दर्द को पढ़ ले।
जो बिना बोले सब समझ जाए।
जिसके सामने वो पूरी तरह खुद को खोल सके।
और जब उसे ऐसा कोई मिल जाता है —
वो कभी हार नहीं मानता,
बल्कि हँसते-हँसते सारी तकलीफें झेल जाता है।
एक मर्द की फीलिंग्स को समझो —
वो सच्ची होती हैं, पवित्र होती हैं।
हर लड़का प्लेबॉय नहीं होता...
उनके बीच कुछ ऐसे साफ दिल वाले लड़के भी होते हैं,
जिन्हें देखकर ही आज भी दुनिया में लड़कियों की उम्मीद ज़िंदा है।
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हर बार नहीं बोलते… पर हर बार सहते हैं — लड़के।
ज़रा ध्यान से देखना, वो भी इंसान हैं।"
तो अगली बार जब किसी लड़के को खामोश देखो, उसकी मुस्कान के पीछे झाँकना… शायद वहाँ एक अनकहा तूफ़ान छुपा हो।
याद रखना — वो भी इंसान है, उसे भी महसूस करने का हक है।
और अगर यह कहानी आपके दिल को छू गई, तो इसे उस खास इंसान तक पहुँचाएँ — हर लड़के को जो इन भावनाओं का हक़दार है
✍️written by-muvi writer