Rebirth of my Innocent Wife - 2 in Hindi Fiction Stories by Rani prajapati books and stories PDF | Rebirth of my Innocent Wife - 2 - सच या सपना

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Rebirth of my Innocent Wife - 2 - सच या सपना

एक कमरे में एक लड़की बेहोश पड़ी  हुई थी ।

वहीं दो-चार लोग उस बेहोश लड़की को देख रहे थे तभी वहां एक नीली आंखों वाला शख्स आता है । 

और उस लड़की को देखते हुए अपनी गंभीर आवाज में कहता है होश आया इसे। 

जिस पर वो दो डॉक्टर जो आगे खड़े हुए थे उन्होंने अपना सर झुका कर कहा नहीं हुकुम सा,

अभी तक तो नहीं आया है।

हम चेक कर रहे है  पता नहीं इसे क्या हुआ है।

कि 2 दिन से ये उठी नहीं है।

जिस पर वो शख्स अपनी गहरी आवाज में कहता है उठाओ इसे और जल्दी से इसके घर  भेजो । 

अगर किसी को पता चल गया कि मैं लड़की को घर में लेकर आया हूं तो सब मुझसे ही सवाल करेंगे कहते हुए वह शख्स वहां से जाने लगा म

तभी डॉक्टर उस शक्स को रोकते हुए केहता हैं ।

हुकुम सा हमें कुछ दवाइयां की जरूरत पड़ेगी । 

जिस पर वह शख्स अपना अपनी दो उंगलियां दिखाते हुए कहता है जो करना है करो बस जल्दी से जल्दी  इस लड़की ठीक करो।

ये मेरी गाड़ी के सामने आकर टकराई है तो इसकी जिम्मेदारी भी मै ही लूंगा।

हो सकता तो मैं इसे अस्पताल भी ले जाता लेकिन अस्पताल जाना पॉसिबल नहीं है मेरे लिए । 

तुम सब जानते हो क्यों कहते हुए वो सख्स वहां से चला गया।

वही  दोनों डॉक्टर  उस सख्श की बात सुन कर अपना सर हिला देते ही।

वो दोनों डॉक्टर उस लड़की की तरफ देखते है तो उसके बेजान शरीर को देख कर उनके   चेहरे पर शिकन साफ-साफ देखी जा सकती थी।

वही एक फीमेल डॉक्टर जो उस बेहोश लड़की को देख रही थी वो उसके नब्स को चेक करते हुए बोली इसे अभी तक होश क्यों नहीं आया है पीयूष ।।

हमें टेंशन हो रह है । 

कहीं इस लड़की को कुछ हो गया तो हमारी जॉब चाल जायेगी।

उस फीमेल doctor कि बात सुन कर  पियूष उसे लड़की को देखते  कहता है देखो मिताली हमने जितना करना था हमने कर लिया है



अब बस एक इंजेक्शन है उसे मैं मार्केट से जल्दी लेकर आता हूं उसे लगता हूं देखता हूं तो क्या अपडेट आती है । 

हो सकता ही कोई मिरीकल हो जाय।

पीयूष की बात सुन कर मिताली अपना सर हिलाते हुए कहती है ठीक है फिर तुम जल्दी जाव तब को  मै इसका ध्यान  ध्यान रखती हूं।

कहते हुए मिताली अपनी आंखों उस लड़की पर टिका देती है 

 उस लड़की का नाजुक चेहरा था छोटी पतली गुलाबी होंठ थे। आंखें बंद थी माथे पर पट्टी लगी हुई थी और उसने एक वाइट कलर का गाउन पहना हुआ था। चेहरा पिला पड़ा हुआ था। 

पियूष जल्दी ही बाजार से आकर इंजेक्शन ली आया था । 

उसने उस लड़की को इंजेक्शन लगाते हुए कहा अब बस हम  सब कू बस एक घंटा का इंतजार करना है । 

तब तक इस लड़की को होश आ जाएगा । 

पीयूष कि बात सुन कर मिताली बस अपना सर हिला देती है।

 1 घंटे के बाद उस रूम में जो लड़की से बेहोश पड़ी हुई थी उसकी आंखें धीरे-धीरे खुलती है । 

वो अचानक से चिल्लाते हुए कहती नहीं मुझे मत मारो अजय कहते हुए वो लड़की जैसे अपने होश में आती है।

उसे दो पल लगता है समझ में लगता है कि वो अभी तक जो देख रही थी वह एक सपना था बहोत बुरा सपना।

वो लड़की और कोई नहीं ईशानी थी जो इस वक्त अपनी 

23 साल वाली उम्र में थी । 

ईशानी अपने दोनों हाथ को देखते हुए कहती है मैं मैं इतनी जवान कैसे लग रही हूं।

लेकिन फिर अपनी बात कू है पलटते हुए केहती है।

मैं  मै तो मैं जवान ही थी लेकिन अब कहते हुए ईशानी अपने पेट को छूने लगती है अपने गले को छूने लगती है जहां उसे चाकू लगा था । 

ईशानी खुद को देखती है तो बिल्कुल सही सलामत लग रही थी।

खुद को पूरी तरह से ठीक देख कर ईशानी चैन की सास लेती है।

कि तभी उसकी नजर कैलेंडर की डेट पर जाती है जहां इस वक्त 2024 दिख रहा था ।

उस साल को देखकर जैसे ईशानी को एक गहरा सदमा लगता है।

वो अपनी नजरों से कैलेंडर पर लिखी year को 2024  देखती है तू खुद से केहती अधिक   2024 लेकिन अभी तो 2026 चल रहा ही ना   कहते हुए ईशानी अपने चारों तरफ देखने लगती है तभी उसे पता चलता है ।

कि वॉ कोई अनजान कमरे है।

ईशानी धीरे-धीरे अपने कदम बेड से उतरते हुए जमीन पर रखती है कि तभी दरवाजा खुलता है  और वहां पे मिताली और पीयूष अंदर आते हैं । 

मितालि और पियूष जब इशानी को उठा हुआ देखते हैं तो उन्होंने खुश होते हुए कहा फाइनली तुम उठ गई।

ईशानी जब मिताली और पीयूष को देखती हैं तो वो थोड़ी हैरान रह जाती क्योंकि वो उन दो चेहरे को  नहीं जानती थी । 

ईशानी धीमी आवाज  मै और थोड़ी घबराई आवाज में केहती है तुम दोनों कौन हो और क्या ये कैलेंडर सही है म

क्या इसमें सच में अभी का साल 2024 चल रहा है 2026 नहीं कहते हुए ईशानी अपने अगल-बगल देखती हैं  तो वो जिस रूम में  थी।

वो रूम बहुत ही आलीशान था।

उस रूम को देखकर ईशानी के मन में काफी सारे सवाल चल रहे थे । 

वहीं पियूष और मिताली ईशानी के ऐसे सवाल सुनते है तो वो दोनों ने एक दूसरे से काना फुसी करते हुए करते हुए एक दूसरे से केहते है।

कहीं इस लडकी के  दिमाग में चोट लगने के कारण इसकी याददाश्त तो नहीं चली गई।

कहीं हुकुम सा को पता चलेगा तो वह हमारी बैंड बजा देंगे।

क्योंकि वैसे भी हम इसकी पहचान नहीं जानते ।

दोनों को काना फुसी  करते हुए देखा ईशानी अपने चेहरे पर गंभीरता भाव लाते हुए।

  अपनी आवाज तेज करते हुए उन दोनों से कहती है।

मैं तुम दोनों से कुछ पूछ रही हूं, मैं इस वक्त कहां हूं और ये किसका कमरा है।

ये मेरा कमरा यह नहीं है कहते हुए ईशानी उठी और अपने अगल-बगल देखने लगी । 

वो शायद अजय को ढूंढ रही थी या फिर शीना को लेकिन वो दोनों उसे नहीं दिख रहे थे । 

ईशानी अपने गर्दन पर हाथ रख रही थी अपने पेट पर हाथ रख रही थी, शायद वो चेक करने के लिए कहीं वो सच में सपना  तो देख रही है  ना।

सच में जो कुछ भी हुआ था उसके लिए एक वो बेहम  था क्या था  उसे कुछ समझ में नहीं आ रहा था 

तभी इशानी को इतना बेचैन देखकर मिताली उसके पास आती है ओर  उसे छूते हुए कहती है । 

कम डाउन girl,कम डाउन

मिताली को खुद का छुता हुआ देखकर ईशानी उससे दूर होते हुए कहती डॉन'टी टू डिअर टच मी । 

मुझसे दूर रेह कर के बात करो कहते हुए ईशानी ने अपने हाथ में एक शीशे का गिलास उठा लिया था । 

आज के लिए इतना ही बाकी कल