खूबसूरत नहीं हूँ !
नहीं है खूबसूरती मुझमें!
मगर फिर भी शिकायत नहीं है खुद से
दिखे जो दोष औरों को कमी औरों की है
मुझे उनकी सोच से शिकायत नहीं है ।
रचा है जिसने उसकी खूबसूरती का
एक हिस्सा है मुझमें , किसी से बाटूँ
यह क्षमता है किसमे , बाहर से देखा बाहरी
ही रह गये , थी जो दीवार भ्रम की बातों में ढह गई,,,,,,
- Ruchi Dixit