मैंने अपने दिल को मोहब्बत करना सिखाया है, और अपने सपनों को हकीकत में बदलना भी।
मैं फूलों-सी नर्म भी हूँ, और तूफ़ानों के सामने खड़ी रहने का हौसला भी रखती हूँ।
लोग मेरी मुस्कान देखते हैं, मगर उन्हें क्या पता, उस मुस्कान के पीछे कितनी दुआएँ, कितनी मेहनत और कितने अधूरे सफ़र छिपे हैं।
मैं किसी एक पहचान में बंधने नहीं आई, मैं अपनी कहानी खुद लिखने आई हूँ।