तुम्हें मोहब्बत है मुझसे मैं जानती हूँ मगर⋆⋆⋆⋆
इश्क़ ये मुझको भी हो ये जरूरी तो नहीं⋆⋆⋆⋆
तुम अपनी वसहत मे उठा लो शहर सर पे लेकिन⋆⋆⋆⋆
मैं भी दर्द मैं कहराऊं ये जरूरी तो नहीं⋆⋆⋆⋆
लाजमी हैं की तेरा इश्क़ डराए मुझको पर⋆⋆⋆⋆
मैं डर ही जाऊं ये ज़रूरी तो नहीं....
तुम मंदिर में, शिवालय में पटक लो माथा
मुक्ति मिल ही जाए ये ज़रूरी तो नहीं....!!✅✅✅✅✅✅✅♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️