Hindi Quote in Romance by aakanksha

Romance quotes are very popular on BitesApp with millions of authors writing small inspirational quotes in Hindi daily and inspiring the readers, you can start writing today and fulfill your life of becoming the quotes writer or poem writer.

अधूरी मोहब्बत
राहुल का जीवन हमेशा शांत और अलग था। स्कूल के गलियारों में लोग उसे देखते, लेकिन कोई उसके दिल की गहराई तक नहीं पहुँच पाता। वह बातों में कम और नजरों में गहरी होती थी। उसके दोस्तों की संख्या कम थी, पर वह जिसे जानता था, उसे समझता था—गहरी समझ, बिना कहे। लोग कहते—“उसका दिल सख्त है, कोई पास नहीं आने देता।”
आकांक्षा पहली बार उसे बारिश के दिन मिली। लाइब्रेरी की खिड़की पर बूंदें गिर रही थीं, और राहुल अपनी किताब में खोया हुआ था। उसकी आँखों में हल्की उदासी थी, जो किसी से साझा नहीं की गई थी। आकांक्षा ने महसूस किया कि उसके भीतर भी कुछ नर्म बचा है, जो किसी को दिखाई नहीं देता।
शुरुआत में, आकांक्षा सिर्फ उसे दूर से देखती। कभी लाइब्रेरी में, कभी बाग़ में। राहुल हमेशा अकेला रहता, पर आकांक्षा की नजरें धीरे-धीरे उसे महसूस करने लगीं।
एक दिन बारिश के बाद, बाग़ की चट्टानों पर हरी घास चमक रही थी। आकांक्षा ने कहा,
“तुम कहते हो दिल सख्त हो गया है, पर मैंने देखा है—बरसात के बाद चट्टानों पर भी हरी ज़िद उग आती है।”
राहुल ने पहली बार उसकी बातों में रुचि दिखाई। उसने पूछा,
“तुम हमेशा इतनी गंभीर बातें क्यों करती हो?”
“क्योंकि मैं देख सकती हूँ कि जो तुम कहते हो, उससे कहीं ज़्यादा कुछ है जो तुम छुपाते हो।”
समय के साथ, आकांक्षा ने राहुल की दुनिया में धीरे-धीरे अपनी जगह बनाई। कभी उसकी पसंदीदा चाय लेकर, कभी उसकी किताबों पर हल्की हँसी छोड़कर। राहुल ने महसूस किया कि उसकी चुप्पियाँ अब अकेली नहीं थीं।
एक शाम, बगीचे की छाया में, आकांक्षा ने कहा—
“अगर इजाज़त हो, तो मैं तुम्हारे दिल में पूरी नहीं, बस अधूरी-सी मोहब्बत बनकर ठहर जाऊँ।”
राहुल ने उसकी आँखों में देखा। कोई दबाव नहीं, कोई मांग नहीं। बस शांति और अपनापन। पहली बार उसने महसूस किया कि किसी के लिए उसका सख्त दिल भी मुलायम हो सकता है।
उनकी मोहब्बत अधूरी थी। कोई वादा नहीं, कोई पूरा होने का दबाव नहीं। सिर्फ थोड़ी-सी नर्मी, थोड़ी-सी उम्मीद, और अधूरी मोहब्बत का सौंदर्य।
आकांक्षा और राहुल की दिनचर्या में छोटी-छोटी बातें शामिल हो गईं। बारिश में भीगकर किताबें पढ़ना, चाय के कप के पास बैठकर खामोशी में बातें करना, और बस एक-दूसरे की उपस्थिति महसूस करना। कभी-कभी वे झगड़ते भी—राहुल की चुप्पियों और आकांक्षा की उत्सुकता के कारण। पर हर झगड़े के बाद उनकी नज़दीकियाँ और बढ़ती।
समय बीतता गया। राहुल ने समझा कि आकांक्षा की मौजूदगी ने उसकी जिंदगी को बदल दिया है। वह अब अकेला नहीं था। उसकी चुप्पियाँ अब खाली नहीं थीं। और आकांक्षा ने समझा कि कभी-कभी मोहब्बत को पूरा करने की ज़रूरत नहीं होती—बस महसूस करने की होती है।
उनकी अधूरी मोहब्बत, उनकी छोटी-छोटी आदतें, उनकी खामोशियाँ, और उनके साझा पल—सबकुछ उनकी जिंदगी का सबसे खूबसूरत हिस्सा बन गए।
कभी-कभी, वे बस बगीचे में बैठते और बारिश के बाद की नमी को महसूस करते। राहुल कहता,
“तुम्हारी नमी मेरे भीतर पहुँच जाती है।”
और आकांक्षा मुस्कुराकर जवाब देती,
“बस यहीं, अधूरी मोहब्बत बनकर, ठहर जाओ।”
कभी-कभी अधूरा होना ही सबसे पूरा महसूस होता है। और उनके लिए, यही अधूरी मोहब्बत—सदा के लिए, पर हमेशा अधूरी—सबसे खूबसूरत एहसास बन गई

Hindi Romance by aakanksha : 112019614
New bites

The best sellers write on Matrubharti, do you?

Start Writing Now