पहली रचना: एक नई शुरुआत
शब्दों की इस दुनिया में, मैंने आज कदम रखा है,
हृदय के कुछ भावों को, कागज़ पर ला रखा है।
नया हूँ इस महफ़िल में, पर लिखने का जुनून है,
कलम की इस खिदमत में, मिलता बड़ा सुकून है।
सीख रहा हूँ अभी मैं, शब्दों को पिरोना,
भावनाओं के धागों में, यादों को संजोना।
बस आप सबका थोड़ा सा, तआवुन (सहयोग) चाहिए,
बढ़ सकूँ मैं आगे, वो हौसला चाहिए।
मेरी छोटी सी कोशिश को, अपनी दुआएँ देना,
पसंद आए गर मेरी बातें, तो थोड़ा साथ देना।
'वेद' की इस यात्रा का, आप सब ही आधार हैं,
आपके प्यार और समर्थन का, मुझे इंतज़ार है।
- Kavi Lekh