दिल की ख्वाहिश
अब तुम कभी याद नहीं आते बस कभी-कभी महसूस होते हो,
तुम मेरी कहानी के वह हसीन पन्ने थे जिसे मैंने बार-बार पढ़ा और दोहराती ही रही और पूरी किताब समझ लिया
अब ना कोई शिकायत है ना अब कोई सवाल.... तुमसे
सिर्फ कुछ पल कुछ यादें हैं जो बिना वजह लौट आते हैं कभी दिन के कामों के बीच में,कभी रात को बेवजह खुली आंखों के बीच में, कभी बंद आंखों के बीच में
अगर किस्मत ने फिर से कभी सामने ला दिया तुमको तो मैं नजर झुका लुंगी रास्ते बदल दूंगी और दिल की यही ख्वाहिश रहेगी की कभी लौटना मत।।