किसी भी मौसम में कैसे भी हालात में
अपनी जड़ों से जुड़े रहते हैं, चलो हम तो वृक्ष है,
हमारे पैर नहीं होते, मगर आप तो इन्सान है,
और तुम्हारे पास तो सिर्फ पैर नहीं, पैरों के साथ-साथ दिमाग भी है, और शायद तुम्हें सम्भालने वाले लोग भी है, इसलिए अपनी पहचान मत खोईए, क्योंकि हमें तो मौसम के हिसाब से ही जीना पड़ेगा, मगर आप तो कैसे भी करके अपने हालात संवार सकते हैं.
- Shailesh Joshi