सोचा था अकेले रहेंगे सारे दर्द
ओर गम भूल जाएगे...,
कयां पता था मन के एक कौने में
उसने घर ऐसा बनाया कि...,
हर ऐहसास वो में बस के रह गए
ओर हम अपना सब हार बैठे...,
आंखे झपकी तो उन यादो का
सैलाब उभर कर आ गया...,
बुंद ऐसी गीरी कि हरेक बुंद पे
उनका चेहर सामने आ गया...।
shital ⚘️