Gujarati Quote in Microfiction by Parmar Mayur

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🙏🙏આજે શહેરના મુખ્ય ચોકમાં રાવણદહન થઈ રહ્યું છે. જનમેદની થી ભરચક રસ્તાઓ અને મેદાનમાં લોકો 'જય શ્રી રામ' નાં નારા લગાવી રહ્યા છે.

આખાં કાર્યક્રમના મુખ્ય અતિથિ તરીકે એક નેતાજી હતાં. તેમના હાથે આજે રાવણદહન થવાનું હતું. થોડીવારમાં નેતાજીએ પોતાના હાથમાં ધનુષ્ય લઈને તેની પણછ માં સળગતું તીર લગાવીને 'રાવણના પુતળા' તરફ નિશાન તાકીને માર્યું.

રાવણ 'ભળભળ' બળવા લાગ્યો અને બધા જ રાવણ દહનની ખુશીઓ મનાવવા લાગ્યા.

આખી 'જનમેદની' વચ્ચે બે સ્ત્રીઓ પરસ્પર વાતો કરતી હતી કે આ એ જ નેતાજી છે ને જેમની પર 'જાતીય સતામણી' નાં કેસ ચાલે છે.🦚🦚

- Parmar Mayur

Gujarati Microfiction by Parmar Mayur : 111953934
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गांव की ज़िंदगी – सुकून का असली घर
गांव की ज़िंदगी – सुकून का असली घर

सुबह की पहली किरण जैसे ही खेतों पर पड़ती, पूरा गांव सुनहरी रोशनी से जगमगा उठता। पक्षियों की मधुर चहचहाहट, मंदिर की घंटियों की आवाज़ और ठंडी हवा मन को एक अलग ही शांति देती थी।

शहर में रहने वाली अनन्या कई साल बाद अपने दादा-दादी के गांव आई थी। शहर की भागदौड़, ट्रैफिक और मोबाइल की दुनिया में वह खुद को थका हुआ महसूस करती थी। गांव पहुंचते ही उसने देखा—हर चेहरे पर मुस्कान थी, हर घर का दरवाज़ा खुला था और हर इंसान एक-दूसरे का हाल पूछ रहा था।

एक सुबह दादाजी उसे खेतों में ले गए। हरी-भरी फसलें हवा के साथ झूम रही थीं। किसान मेहनत कर रहे थे, लेकिन उनके चेहरों पर संतोष साफ दिखाई दे रहा था।

अनन्या ने पूछा, "दादाजी, यहां लोगों के पास शहर जैसी सुविधाएं तो नहीं हैं, फिर भी ये इतने खुश कैसे हैं?"

दादाजी मुस्कुराए और बोले, "बेटी, खुशी बड़ी-बड़ी इमारतों में नहीं, बल्कि संतोष, अपनापन और प्रकृति के साथ जीने में होती है।"

उस दिन अनन्या ने बच्चों के साथ मिट्टी में खेला, पेड़ों की छांव में बैठकर कहानियां सुनीं, तालाब किनारे सूर्यास्त देखा और रात को खुले आसमान में अनगिनत तारों को निहारा।

जब वापस शहर लौटने का समय आया, तो उसके दिल में एक नई सोच जन्म ले चुकी थी। उसने समझ लिया कि जीवन का असली सुख केवल पैसा कमाने में नहीं, बल्कि अपनों के साथ बिताए गए पलों और प्रकृति के करीब रहने में है।

उसने तय किया कि चाहे वह शहर में रहे, लेकिन गांव की सादगी, प्रेम और शांति को हमेशा अपने जीवन का हिस्सा बनाए रखेगी।

सीख:
"सच्ची खुशी वहीं मिलती है, जहां मन को शांति, रिश्तों में अपनापन और प्रकृति का साथ मिलता है। गांव की सादगी ही जीवन की सबसे बड़ी दौलत है।" 🌿🌾

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