कई बार मन के भाव भी बहुत अजीब से लगने लगते है........
जैसे कोई बहुत समझने वाला जब छोटी छोटी बात समझाने लगे.........
और एक दम से कोई अच्छा लगे और फिर बुरा भी हो जाए........
सब ठीक होने पर भी गलत सा लगे........
और एक शांत सी नदी के पास बैठे उस इंसान के भाव भी वैसे ही होते है........
जैसे बहुत बोलने वाले के पास शब्दों की कमी हो जाए.......