आया राखी का त्योहार
डॉ. वंदना शर्मा
आया राखी का त्योहार
चारों तरफ छाई बहार
भाई को है बहना का इंतजार
सज गए देखो सारे बाजार
आया राखी का त्योहार
बहना ने कलाई पर प्यार बांधा है
सिर्फ धागा नहीं ये, रक्षा सूत्र बांधा है
दुआओं के साथ, आशीर्वाद बांधा है
सलामत रहे मेरे भाई का परिवार
रेशम की डोर ने यह संसार बांधा है
समझो तो ये धागा प्रेम का
अनमोल है सब रिश्तों में
ना समझो तो बंधन है
रीत और रिवाजों का
यह धागा है विश्वास का
समझो तो लाख का
ना समझो तो राख का
मान है एक-दूजे का
सदियों से चली आई परंपरा का
पैसों से ना तौलो भैया मेरी राखी का मोल
मिलता है बड़े नसीब से ये पल
मेरी राखी है बड़ी अनमोल
रुपया पैसा ना बहना चाहे
वो तो बस भाई का स्नेह चाहे
मायके की देहरी चाहे
भाई की आँखों में मान चाहे
दे भर-भर दुआएँ,
थोड़ा सा प्यार चाहे
द्वेष की बातों से ना करो इसे बेकार
आया राखी का त्योहार
डॉ वंदना शर्मा नई दिल्ली