🌸 माँ-बाप को समय दीजिए…
हम अपने जीवन में बहुत कुछ पाने के लिए भागते रहते हैं।
अच्छा घर चाहिए, अच्छी गाड़ी चाहिए, पैसा चाहिए, व्यापार बढ़ाना है, बच्चों का भविष्य बनाना है…
और इसी भागदौड़ में हम उस इंसान को समय देना भूल जाते हैं, जिसने हमारे लिए अपना पूरा जीवन लगा दिया।
वह हैं—हमारे माँ-बाप।
बचपन में जब हमें चलना नहीं आता था, तब माँ ने उंगली पकड़कर चलना सिखाया था।
जब हम गिरते थे, पिता हमें उठाकर कहते थे—
“कोई बात नहीं… फिर से कोशिश करो।”
हम रात में रोते थे तो माँ अपनी नींद छोड़ देती थी।
हमारी छोटी-सी इच्छा पूरी करने के लिए पिता अपनी बड़ी-बड़ी इच्छाएँ छोड़ देते थे।
लेकिन समय बदलता गया…
हम बड़े हो गए।
हमारे पास मोबाइल आ गया, दोस्तों के लिए समय आ गया, सोशल मीडिया के लिए समय आ गया, काम के लिए समय आ गया…
बस माँ-बाप के लिए समय कम पड़ गया।
कभी गौर से उनके चेहरे को देखिए।
उनकी आँखों में आज भी वही बच्चा दिखाई देगा, जिसके लिए उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी समर्पित कर दी।
अब उन्हें आपकी दौलत से ज्यादा आपकी उपस्थिति चाहिए।
उन्हें महँगे उपहार नहीं चाहिए।
कभी उनके पास बैठकर सिर्फ इतना पूछ लीजिए—
“माँ, आज कैसी हो?”
पिता के पास बैठकर कह दीजिए—
“पिताजी, कोई काम हो तो बताइए।”
विश्वास कीजिए, उनके चेहरे की मुस्कान आपके किसी महँगे उपहार से कहीं ज्यादा कीमती होगी।
याद रखिए…
माँ-बाप हमेशा हमारे पास नहीं रहते।
एक दिन उनका कमरा वही होगा, उनकी कुर्सी वही होगी, उनकी तस्वीर भी वही होगी…
लेकिन आवाज़ देने पर कोई जवाब नहीं आएगा।
उस दिन हमारे पास पैसा होगा, समय भी होगा…
लेकिन उन्हें देने के लिए वह एक पल वापस नहीं होगा।
इसलिए आज ही उनके पास जाइए।
उनका हाथ अपने हाथ में लीजिए और कहिए—
“आपने मेरे लिए बहुत कुछ किया है…
शायद मैं कभी आपका कर्ज नहीं चुका पाऊँगा,
लेकिन आज से आपको समय जरूर दूँगा।”
क्योंकि दुनिया की सबसे बड़ी दौलत बैंक में नहीं होती…
वह माँ-बाप के आशीर्वाद में होती है। ❤️🙏
✍️ Author: Kantibhai Rathod Badamiya
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मेरी कहानियाँ केवल पढ़ने के लिए नहीं हैं…
वे दिल को छूने और रिश्तों को महसूस करने के लिए हैं। ❤️