बहुत बार ऐसा होता है कि जो इंसान हमारे लिए priority होता है, उसकी हर बात को हम बिना कहे समझने की कोशिश करते हैं। उसकी ख़ामोशी में भी भावनाएँ पढ़ लेते हैं और इसी कोशिश में अपने मन से यह मान बैठते हैं कि शायद हम भी उसके लिए उतने ही मायने रखते हैं—बस वह express नहीं कर पाता......
और शायद यहीं हम सबसे बड़ी गलती कर बैठते हैं।
लोगों के प्रति संवेदनशील रहिए, उनकी भावनाओं को समझने की कोशिश कीजिए, लेकिन बिना कहे उनकी भावनाओं का अर्थ मत तय कीजिए और अपनी उम्मीदों को उनकी ख़ामोशी पर मत टिकाइए।
हो सकता है सामने वाला आपको उतनी गहराई से महसूस ही न करता हो,
क्योंकि जब हम अपनी कल्पनाओं को उनकी भावनाएँ समझ लेते हैं, तो बाद में उनकी हर छोटी-सी बात हमें चोट पहुँचाने लगती है। समझना अच्छी बात है, लेकिन अपनी उम्मीदों के सहारे किसी रिश्ते की गहराई तय करना नहीं।🌻🌸