मुझे तुमसे प्यार तुम्हारी खूबसूरती से नहीं हुआ,
मुझे प्यार हुआ तुम्हारे उस दिल से,
जो हर किसी की खामोशी भी समझ लेता था।
तुम्हारी उन छोटी-छोटी बातों से हुआ,
जिन्हें शायद तुमने कभी खास नहीं समझा,
मगर मेरे लिए वही बातें
पूरे दिन की खुशी बन जाती थीं।
मैंने तुम्हारा हाथ कुछ पल के लिए थामा था,
लेकिन उन पलों में ऐसा सुकून मिला,
जैसे बरसों से भटकते हुए दिल को
आखिर अपना घर मिल गया हो।
फिर एक दिन समझ आया—
हर हाथ उम्रभर साथ रहने के लिए नहीं मिलता,
कुछ हाथ बस इसलिए मिलते हैं
ताकि हमें सिखा सकें कि अपनापन क्या होता है।