मैं और मेरे अह्सास
चौराहे पर मुलाकात
हौसला से चौराहे पर मुलाकात हो सकती हैं l
दुनिया देख जाए तो बहुत सी बातें करती हैं ll
प्यार करने वालों को देख ज़माना जलता है l
खुशी के दुश्मन घरवालों के कान भरती हैं ll
बात को बढ़ा चढ़ाकर अफवाहये फैला के l
प्रेमियो के चैन और सुकून को हरती हैं ll
"सखी"
डो. दर्शिता बाबूभाई शाह