Hindi Quote in Story by Alka rahul Aggarwal

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रुद्र और श्रेया की शादी हो चुकी थी। शादी में आए गेस्ट और मीडिया वाले सभी रुद्र की पत्नी का चेहरा देखना चाहते थे।

अवंतिका श्रेया के पास आती है और उसका घुंघट उठाने लगती है। श्रेया की घबराहट बहुत ज्यादा बढ़ गई थी। वो अपने कपड़े को अपनी मुट्ठी से कसकर टाइट पकड़ लेती है।

अवंतिका जैसे ही श्रेया का घुंघट उठाती है ,तो वो श्रेया का चेहरा देखकर चौक जाती है। वही रुद्र भी श्रेया को हैरानी से देख रहा था। वहां मौजूद जितने भी वीआईपी गेस्ट थे और मीडिया वाले थे वो सब पहली बार श्रेया को देख रहे थे। मीडिया वाले श्रेया की तस्वीरें लेने लगते हैं। श्रेया चुपचाप अपनी नजरें झुकाए खड़ी थी ,उसे बहुत घबराहट हो रही थी।

रूद्र फिर श्रेया का हाथ कसकर पकड़कर दबा देता है जिससे श्रेया को हल्का दर्द महसूस होता है। वो अपनी आंखें बंद कर लेती है।

रुद्र अपने होठों पर फेक स्माइल लिए सारे मीडिया वालों की तरफ देखकर बोलता है-"ये है मेरी पत्नी मिसेस रूद्र प्रताप सिंह।"

धीरे-धीरे गेस्ट और मीडिया वाले मेंशन से चले जाते, उनके जाने के बाद रुद्र श्रेया का हाथ पकड़कर उसे खींचता हुआ अपने कमरे में ले जाकर बैड पर धक्का दे देता है। अवंतिका जी भी उनके पीछे आती है।

रूद्र गुस्से में उस पर चिल्लाते हुए बोलता है -"कौन हो तुम और तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई शादी का जोड़ा पहनकर मुझसे शादी करने की, नव्या कहां है?"

श्रेया के मुंह से आवाज नहीं निकल रहा था। उसकी आंखों से लगातार आंसू गिर रहे थे।

रूद्र ये देखकर उसका बाजू पकड़कर अपने दांत पीसते हुये बोलता है-"तुम्हे मेरी बात सुनाई दे रही है या नहीं या मैं पुलिस को बुलाऊ अगर पुलिस यहां आ गई ना, तो तुम सोच भी नहीं सकती तुम्हारे साथ क्या होगा ,कहां है नव्या?"

श्रेया रुद्र की बात सुनकर बहुत घबरा जाती है। वो रोते हुये बोलती है-" नहीं पुलिस को मत बुलाइएगा ,मेरा नाम श्रेया है,मै नव्या की बेस्ट फ्रेंड हू।"

अवंतिका जी ये सुनकर हैरानी से बोलती है -"क्या पर तुम यहा कैसे आई और नव्या कहां है?"

श्रेया-" नव्या एक लड़के से प्यार करती है,वो हमारे ही कॉलेज में पढ़ता है, विक्की नाम है उसका, कुछ दिन पहले नव्या ने मुझे बताया कि उसकी शादी उसके घरवालों ने उसकी मर्जी के बिना तय कर दिया है, वो आपसे शादी नहीं करना चाहती थी रूद्र जी इसलिए मैं और विक्की यहां आए थे और वो विक्की के साथ भाग गई।"

रुद्र उसकी ये बात सुनकर गुस्से में फ्लावर वॉश उठाकर दीवार की तरफ दे मारता है। श्रेया डर से अपनी आंखें बंद कर लेती है।

रुद्र अवंतिका जी से बोलता है -"देखा मां आपने इसलिए मैं शादी नहीं करना चाहता था पर आपने मेरी बात नहीं मानी, भाग गई ना वो लड़की।"

अवंतिका जी-" रुद्र मुझे नहीं पता था वरना मैं कभी उससे तुम्हारी शादी की बात नहीं करती पर अब जो भी हो ये तुम्हारी पत्नी है, अब तुम्हें इसके साथ अपना रिश्ता निभाना पड़ेगा।"

रुद्र अवंतिका जी बात सुनकर गुस्से में श्रेया की तरफ देखता है।

श्रेया ये सुनकर उससे बोलती है-"देखिए प्लीज मुझे जाने दीजिए, जो भी हुआ गलती से हुआ, सॉरी पर मै ये शादी नहीं मानती,ये शादी एक गलती है।"

रुद्र उसकी बात सुनकर उसका हाथ पकड़कर अपने दांत पीसते हुये बोलता है-" तुम मानो चाहे ना मानो पर अब तुम मेरी पत्नी हो और पूरे शहर को ये बात पता चल गई है कि तुम मिसेज रुद्र प्रताप सिंह हो, अब तो तुम्हें पूरी जिंदगी मेरे साथ इसी मेंशन में बितानी पड़ेगी, तुम यहां से नहीं जा सकती।"

श्रेया उसकी ये बात सुनकर घबरा जाती है। वो फिर अवंतिका से बोलती है -"प्लीज मुझे जाने दीजिए, मैं एक मामूली कॉलेज स्टूडेंट हू और यहां हॉस्टल में रहती हूं, मैं यहां पढ़ाई करने आई हूं पर ये शादी ये सब मुझसे नहीं होगा प्लीज मुझे जाने दीजिए ,मैं आपके सामने हाथ जोड़ती हूं।"
इतना बोलकर वप अपने दोनों हाथ अवंतिका के सामने जोड़ लेती है।

अवंतिका उसका हाथ हटाकर बोलती है -"देखो ये सब करने से कुछ नहीं होगा और मैं इसमें तुम्हारी कोई मदद नहीं कर सकती, तुम अब सिंह परिवार की बहू हो और ये सच्चाई तुम जितनी जल्दी स्वीकार करोगी, उतना ही तुम्हारे लिए अच्छा होगा।"

वो फिर रुद्र से बोलती है -"रूद्र मैं एयरपोर्ट के लिए निकलती हूं।"

रूद्र-" ठीक है मां आप जायिये इसका तो मैं ध्यान रखूंगा।"

अवंतिका एक नजर श्रेया की तरफ देखती है और वहां से चली जाती है।

अवंतिका के जाने के बाद श्रेया रुद्र की तरफ देखती है। रुद्र उससे बोलता है-" आता हूं मैं थोड़ी देर में तब तक तैयार रहना क्योंकि आज हमारी फर्स्ट नाइट है।"

श्रेया उसकी ये बात सुनकर बहुत बुरी तरह घबरा जाती है। रूद्र फिर कमरे का दरवाजा बाहर से बंद करके चला जाता है।

श्रेया कमरे में चक्कर काटते हुये बोलती है-" नहीं मै यहा नही रह सकती, मैं ये शादी नहीं मानती मुझे यहां से भागना पड़ेगा।"

श्रेया फिर जल्दी से बालकनी में आती है और नीचे की तरफ देखती है। बालकनी के बाहर नीचे गार्डन मे गार्ड पहरा दे रहे थे।

श्रेया ये देखकर बोलती है-" यहां तो गार्ड है, अब यहां से कैसे जाऊं?"

श्रेया फिर जल्दी से कमरे के अंदर आती है और दरवाजा जोर-जोर से खटखटाने लगती है। थोड़ी देर के बाद एक नौकर दरवाजा खोलता है और अपना सर झुकाकर बोलता है-" जी बहुरानी कुछ चाहिए आपको?"

श्रेया-" हां वो मुझे पानी चाहिए।"

नौकर उसकी बात सुनकर अपना सर हिलाकर वहां से चला जाता है। श्रेया जल्दी से कमरे से बाहर आती है और नौकरों से नजर बचाते हुए मेंशन के बाहर चली जाती है। वो फिर बाहर आकर गार्ड से नजर बचाकर गेट तक जाती है। गेट के बाहर दो वॉचमैन थे जो आपस में बातें कर रहे थे। श्रेया उनसे भी नजर बजाते हुए वहां से भागने में कामयाब हो जाती है।

क्या होगा जब रूद्र को पता चलेगा कि श्रेया भाग चुकी है?
रूद्र क्या श्रेया को खोज पाएगा?"

ये जानने के लिए पढ़ते रहिए मेरी ये नई कहानी शादी बाय मिस्टेक।

Hindi Story by Alka rahul Aggarwal : 112029120
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