🇮🇳🇮🇳"जागो भारत वाशी"🇮🇳🇮🇳
देश की हालत खतरे में है छायी हर तरफ उदासी।। हर तरफ अंधेर मची है, जागो भारत वाशी।। जिस देश को खड़ा किया, गांधी ने प्राण ग्वाकर।।शास्त्री, इन्दिरा, वीर जवाहर, आगे किया सजाकर।। उसी देश में झगड़ रहे है, मुल्ला और सन्यासी।। हर तरफ अंधेर मची है, जागो भारत वाशी।।
राम कहो, रहमान कहो, अल्लाह कहो भगवान कहो।। ये सब नाम एक ही है, इसमे मत मतभेद करो।। हिंदू, मुस्लिम, सिख, इसाई, सब इसके ही बंदे है।। केवल ना समझी के कारण, जगह-जगह पर भटके है।। आपस में तुम प्रेम करो, हो एक ही जगह के वाशी।। हर तरफ अंधेर मची है जागो भारत वाशी।।
मंदिर, मस्जिद के चक्कर में, मत अपना प्राण गवाओ।। मिल-जुल कर तुम रहना सीखो, गीत प्रेम की गाओ।। 'प्रकाश' हर तरफ फैलाकर धरती को स्वर्ग बनाओ।। यही विचार बनाकर मन में, आगे कदम बढ़ाओ।। इस धरती पर जन्म हुआ, हो इसके मूल निवासी।। हर तरफ अंधेर मची है,जागो भारत वाशी।।
मंदिर हो या मस्जिद हो, चर्च हो या गुरुद्वारा।। सब में भगवान एक ही हैं, देते सबको एक सहारा।। जला दो ज्ञान का दीपक ऐसा, प्रकाशित हो भूमंडल सारा।। हम सब आपस में भाई-भाई यही लगाओ मिलकर नारा।।अयोध्या हो, मथुरा हो, काबा हो या काशी।। हर तरफ अंधेर मची है, जागो भारत वाशी।।
🇮🇳🇮🇳"जागो भारत वाशी"🇮🇳🇮🇳