तुम दुर्गा भी बनो, तुम काली भी बनो
तुम दुर्गा भी बनो, तुम काली भी बनो,
अन्याय के सामने कभी न खाली भी बनो।
ममता की छांव बनो जब अपनों को ज़रूरत हो,
और वक्त पड़े तो चिंगारी की लाली भी बनो।
जो सम्मान करे, उसके लिए मुस्कान बनो,
जो अपमान करे, उसके लिए तूफ़ान बनो।
नारी हो, अपनी शक्ति को पहचानो ज़रा,
ज़रूरत पड़े तो रण की हुंकार बनो।
दुनिया तुम्हारी सहनशीलता को कमजोरी न समझे,
इसलिए कभी-कभी प्रचंड ज्वाला भी बनो।
प्रेम में गंगा-सी निर्मल रहो सदा,
पर अधर्म बढ़े तो महाकाली भी बनो।
सिर झुकाना संस्कार है तुम्हारा,
पर स्वाभिमान पर आंच आए तो ढाल भी बनो।
तुम दुर्गा भी बनो, तुम काली भी बनो,
अपने अस्तित्व की सबसे बड़ी मिसाल भी बनो। 🌺🕉️✨