143 कोई अंत नहीं, एक शुरुआत की बात है,
ये वो मोड़ है जहाँ मेहनत फिर से साथ है।
थोड़ा सा कम लग सकता है ये आंकड़ा,
पर सपनों से बड़ा कभी कोई ना हिसाब है।
डीयू की गलियों में उम्मीदें चलती हैं,
हर कोशिश के पीछे नई रौशनी पलती है।
कभी कटऑफ ऊपर, कभी नीचे झुकता है,
पर मेहनत करने वाला कभी नहीं रुकता है।
जो आज रह गया थोड़ा सा पीछे कहीं,
वो कल सबसे आगे भी हो सकता वहीं।
बस खुद पर भरोसा बनाए रखना तुम,
क्योंकि कोशिशों की हार नहीं होती कभी।