क्यु तु मुझे मेहसूस हो रहा,
क्यु बेवजह इश्क़ हो रहा,
तू पास नही, फिर
क्यु तु मुझे मेहसूस हो रहा,
क्यु भीड़ में तन्हाई है…
क्यु हर राह तुम तक जा रही,
क्यों तु हर जगह दिख जाती है
और हर दफा दिल खो जाता है,
क्यु तु मुझे मेहसूस हो रहा,
तू पास नही, फिर
क्यु तु मुझे मेहसूस हो रहा,
क्यों साया बनके आती हो,
रातों को जगाती हो,
फिर तन्हा कर जाती हो,
बस मै अकेला रह जाता हु,
और तुम ओजल हो जाती हो,
क्यु तु मुझे मेहसूस हो रहा,
क्यु बेवजह इश्क़ हो रहा,
क्यु खामोशी बया कर रही,
तेरा ही हक अदा कर रही,
क्यु खाली खाली सा दिन लगे,
क्यु तन्हा ए राते लगे,
क्यु तुझसे मन बात करे,
क्यु सिर्फ तुमसे इश्क़ करे
क्यु बिखर रहा हूँ मैं,
तेरे जाने के बाद,
क्यु बेखबर हो तुम,
क्या कोई गिलाह है,
क्यु बिखर रहा हूँ मैं,
क्यु तुमको ही दिल पुकारे
क्यु तु मुझे मेहसूस हो रहा,
क्यु बेवजह इश्क़ हो रहा,
क्यु बेवजह
क्यु बेवजह
इश्क़ हो रहा,
क्यु बेवजह
इश्क़ हो रहा,
इश्क़ हो रहा,