लिखते ही रहेंगे
लिखते ही रहेंगे
हर्फों को दबा दबा कर
सानुताप मिलाकर
इत्र आलिप्त कर
बतरस नहीं छलकानेवाले
चर्चाएं नहीं होनेवाले समूहों में
पानी की बूंदों की तरह टपकाते रहेंगे
मौके पर ही उगनेवाला पौधा मुरझे सिकुड़े ही फूल खिलता है
उसी से खुशियां मनाएंगे
सलाह मशविरा अनुभूति सांत्वना रहित
जवां समूहों को
अक्षर ने क्या योगदान दिया बिना सोचे
साहित्य ने किसको अपने आश्रय में लिया जाने बिना
किसको बदला है बताए बिना
अपने ही घर में पास पड़ोस में
युवा अपने आप में
अपने आप से
करनेवाली लड़ाई में अक्षर ने अपना कितना हाथ बंटाया ?
सूझ बूझ के बिना लिखते रहेंगे
फांसी लगाने के बाद
टहनी काटकर पेड़ को कोसनेवाले मां बाप को मुट्ठी भर के अक्षरों ने क्या पैग़ाम दिया है ?
जवाब दिए बिना
हम अपने ही लिए
अक्षरों को उकेरते रहेंगे
गत से आगत तक
कुछ तारीफों का पाउडर
अपने लिए खरीदी इत्र लगाकर
आए चलेंगे
किताबें बेचेंगे
రేణుకా అయోలా కి అభినందన
ganesh ram ji ne mera telugu poem"rastune undamu" ko hindi me anuvada kiya hai! dhanya vaad ganesh ramm ji!
హిందీకరణ గణేశ్ రామ్ అనువేది