इतिहास नरेंद्र मोदी को किसलिए याद रखेगा?
----------------------------------------------
नरेंद्र मोदी।
उनके जीवन की यात्रा एक सीधी रेखा की तरह रही है—संघ के अनुशासन से शुरू होकर, संगठन की गहराई को आत्मसात करते हुए, और फिर सत्ता के शिखर तक पहुँचना। सत्ता ने उनके मूल स्वभाव को बदला नहीं, बल्कि उनकी दृढ़ता और रणनीति को और भी पैना कर दिया।
इतिहास की किताबों में हर प्रधानमंत्री की छवि किसी न किसी ख़ास उपलब्धि से जुड़ी है। पंडित नेहरू को आधुनिक भारत की नींव रखने के लिए, इंदिरा गांधी को हरित क्रांति और राष्ट्रीयकरण के लिए, राजीव गांधी को तकनीकी क्रांति के लिए, और अटल बिहारी वाजपेयी को ग्रामीण सड़कों और स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना के लिए याद किया जाता है। मनमोहन सिंह आर्थिक सुधारों और मनरेगा जैसी योजनाओं के प्रतीक बने।
तो, नरेंद्र मोदी किसलिए याद किए जाएँगे?
वे उस नए भारत के प्रधानमंत्री हैं, जिसने आत्मविश्वास से वैश्विक मंच पर कदम रखा। जहाँ कभी भारत केवल एक दर्शक बनकर खड़ा रहता था, आज वही भारत G20 जैसे मंचों की मेजबानी करता है और वैश्विक एजेंडा तय करता है।
वे उस प्रधानमंत्री के रूप में याद किए जाएँगे जिन्होंने डिजिटल इंडिया का स्वप्न बोया और देश की नई पीढ़ी को मोबाइल और इंटरनेट की ताक़त से जोड़कर एक सशक्त समाज गढ़ा। उन्होंने जन धन खातों, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत और आवास योजना जैसी नीतियों के माध्यम से करोड़ों ग़रीबों तक सीधे सरकार का हाथ पहुँचाया। उन्होंने सिर्फ़ नीतियों को बनाया नहीं, बल्कि उनके कार्यान्वयन की गति से राजनीति का स्वरूप बदल दिया।
आर्थिक मोर्चे पर मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव जैसी योजनाओं ने देश को आत्मनिर्भरता के रास्ते पर आगे बढ़ाया। वहीं, रक्षा और विदेश नीति में सर्जिकल और एयर स्ट्राइक जैसे साहसिक निर्णयों ने भारत की सुरक्षा नीति में एक निर्णायक मोड़ ला दिया। जहाँ पहले भारत "प्रतिक्रिया देने वाला देश" था, वहीं मोदी युग में वह "निर्णय लेने वाला देश" बन गया।
हाँ, उनकी यात्रा में चुनौतियाँ भी आईं—नोटबंदी, जीएसटी के शुरुआती झटके और कोविड-19 महामारी की मार। लेकिन इन सब के बावजूद, उन्होंने जिस राजनीतिक इच्छाशक्ति और जन-संपर्क की ताक़त से देश को संभाला, वह उनके नेतृत्व की एक अलग पहचान बन गई। इतिहास उनसे यही कहेगा कि यह वह शख्स था जिसने भारत को आत्मसम्मान का पाठ पढ़ाया, जिसने तिरंगे को वैश्विक मंचों पर पहले से कहीं अधिक ऊँचाई दी, और जिसने करोड़ों साधारण भारतीयों को यह विश्वास दिलाया कि इस राष्ट्र की यात्रा में उनका भी हिस्सा है।
भविष्य में, नरेंद्र मोदी को भारत के पुनर्जागरण के नायक के रूप में, और आत्मनिर्भरता और आत्मगौरव के प्रतीक के रूप में याद किया जाएगा।
जब इतिहास अपने पन्ने पलटेगा, तो वह दर्ज करेगा—"यह वह प्रधानमंत्री था जिसने भारत को विश्व की भीड़ में खोए हुए एक राष्ट्र से उठाकर एक आत्मविश्वासी महाशक्ति बना दिया।"
🌸 प्रधानमंत्री जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ।
आर के भोपाल।