अब हम कोई नहीं रहे, तेरे अपने कहलाने को,
जो तुझको रोकते थे, अब हक़ नहीं जताने को।
गलती मेरी थी, सज़ा भी मुझे मिल गई,
दिल की धड़कनों में खामोशी सदा के लिए बस गई।
तू अपना है, मैं अपनी दुनिया में खो जाऊँ,
तेरे रास्तों से दूर, अपना सफ़र चुन जाऊँ।
ना हो मुलाक़ात कभी, ना हो कोई अफ़साना,
ये पल ही आख़िरी हो, और बस ठहर जाए ज़माना।
सत्रह साल की खामोशियाँ आज जवाब दे गईं,
मेरी मोहब्बत मेरी ही यादों में कैद रह गईं।
kajal Thakur 😊