"कभी सोचा है...
संपूर्णखा का जिक्र इतिहास में कम क्यों होता है?
क्या वो नारी नहीं थी, या क्योंकि उसका जन्म 'राक्षस कुल' में हुआ था?
रामराज्य में क्या जाति के आधार पर भेदभाव था?
मंदोदरी का क्या अपराध था, जो उसे घर के भेदी के हवाले किया गया?
क्या उसकी इच्छा पूछी गई थी?
क्या उसे भी नारी-सम्मान मिला?
इतिहास हमें जो सिखाता है, हम वही पढ़ते हैं।
पर क्या कभी सोचा है — रावण अपनी जाति के लिए राम था,
और हमारे राम किसी और जाति के रावण हो सकते हैं?"