कुछ तो था तुझमें
तुमसे पहले मेरी दुनिया सूनी सी थी,
ख़्वाबों की गलियाँ वीरान-सी थीं।
ना कोई सपना पलकों पर सजता था,
ना कोई प्यार की बातें होती थीं।
फिर अचानक वो मुलाक़ात हुई,
जहाँ दिल ने चुपके से कह दिया, “तुम ही हो!”
तेरी हँसी में वो जादू था कुछ ऐसा,
कि हर ग़म भी ख़ुशी में बदल गया।
तेरे शब्दों ने मेरे दिल को छुआ,
हर साज़िश को प्यार ने धोया।
तुम्हारी आँखों में जो चमक थी,
वो मेरी दुनिया की सबसे खूबसूरत चमक थी।
रिश्तों की इस नाज़ुक डोर को,
हमने हौले से अपने हाथों में लिया।
कभी तूफानों ने इसे झकझोड़ा,
कभी खामोशी ने इसे तोड़ा।
पर हमने कभी हार न मानी,
क्योंकि प्यार था, जो साथ निभाता।
तेरे साथ बिताए हर पल में,
मैंने अपने आपको पाया।
वो पहली बारिश की बूंदें याद हैं,
जब हम भीगते हुए मुस्कुराए।
तेरे हाथों में मेरा हाथ था,
और दिलों में उमड़ती नई चाहत थी।
कभी खट्टी, कभी मीठी हमारी बातें,
कभी चुप्पी में बसी मीठी संवेदनाएं।
तेरे होने से ही ये ज़िंदगी मेरी,
एक खूबसूरत कहानी बन गई।
आ चलें साथ उस मंज़िल की ओर,
जहाँ सिर्फ़ प्यार और सम्मान हो।
तेरे साथ ये सफ़र लंबा चले,
तू रहे मेरी हर सांस में समाया।
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