मैईया आओ घर द्वार--
माईया आओ घर द्वारे, माईया पधारो घर द्वारे, भक्तों का है इंतजार।!
घर घर तेरा मंडप सजा है, माईया के स्वागत का दिन रात।!
माईया तेरे रूपों का संसार, माईया तू ही अवनि की अवतार।!
पर्वत बाला बुद्धि, वृद्धि का स्वर संसार, माईया पधारो घर द्वारे, भक्तों को है इंतजार।!
माईया तू ही ज्ञान, ध्यान, विज्ञान, ब्रह्म आचरण ब्रह्मचारिणी
विधि विधान बुद्धि पराक्रम प्रवाह माईया पधारो घर द्वारे, भक्तों को है इंतजार।!
माईया तू ही चंद्र हास, शक्ति बल बुद्धि का विकास माईया तू ही दानवता का विनाश, चंद्र माथे घंटा खड़क त्रिशूल हाथ, माईया पधारो घर द्वारे, भक्तों को है इंतजार।!
माईया शुभ मंगल का है गान, तेरा आगमन झूमे गाए संसार मिट गए सारे अंधकार, कूष्मांडा का गुणगान, माईया पधारो घर द्वारे, भक्तों को है इंतजार।!
माईया चहुं ओर खुशहाली, माईया कर्म, धर्म, मर्म, मान
दुष्टों का विनाश, स्कंध माता का आगमन जग कृतार्थ, माईया पधारो घर द्वारे, भक्तों को है इंतजार।!
माईया जग सारा तेरा मंदिर, युग का प्राणी बालक नादान!
माईया बल, बुद्धि, वैभव का वरदान, दुष्ट, दुष्कर्म, दुस्साहस का नाश, मां कात्यानी जग माँ है तू प्राण, माईया पधारो घर द्वारे, भक्तों को है इंतजार।!
माईया तू ही सत्य संध, सत्य सत्यार्थ, माईया तेरा जग जाहिर।
न्याय अन्याय दानव का है तू काल, भक्तों की रक्षा राक्षस संघार, तू ही काली काल माईया, माईया पधारो घर द्वारे, भक्तों को है इंतजार।!
युग गरिमा गौरव गौरी, भक्ति, शक्ति का विश्वास वरदान।
पूजा, वंदन, अभिनंदन महा गौरी धाम पधार, माईया पधारो घर द्वारे, भक्तों को है इंतजार।!
सकल मनोकामना दायनी, रिद्ध सिद्धि दायनी, भय भव भंजक निर्भय कारी।
सिद्धिदात्री माँ नौ रूप नवधा भक्ति नवग्रह सहित विराजै, माईया पधारो घर द्वारे, भक्तों को है इंतजार।!
नन्दलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर गोरखपुर उत्तर प्रदेश!!