1. ईश्वर या इष्ट देवता का चयन करें
2. किसी एक रूप या नाम के माध्यम से ईश्वर की आराधना करना भक्ति योग का मूल है। आप कृष्ण, राम, शिव, देवी या किसी भी रूप को अपना इष्ट बना सकते हैं।
2. नाम जप और कीर्तन करें
3. रोजाना ईश्वर का नाम जप (जैसे "ॐ नमः शिवाय", "हरे कृष्ण") और भजन/कीर्तन करना मन को शुद्ध करता है और भक्ति को गहरा करता है।
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