गुलाबी शाम ढलने लगी है,
ठंडी हवा कुछ कहने लगी है।
इन लम्हों को ज़रा महसूस तो करो,
ये मोहब्बत सी महकने लगी है।
सूरज की विदाई का वक्त आ गया,
चाँदनी से मिलने का सिलसिला आ गया।
शाम ढलते ही ये दिल कहता है,
"किसी खास को याद करने का वक़्त आ गया।"
kajal Thakur 😊