"ख़त्म है अब सब..."
जो कल तक मेरी ज़िन्दगी थी,
आज अजनबी सी लगती है।
हर मुस्कुराहट के पीछे अब,
बस एक ख़ामोशी सी सिसकती है।
लफ़्ज़ भी अब बेवफ़ा हो गए हैं,
तेरा नाम तक नहीं लिखते।
दिल वो सब कुछ भूलना चाहता है,
पर यादें बार-बार चुभते हैं।
अब ना तेरा इंतज़ार, ना तुझसे कोई सवाल,
जिसे टूट कर चाहा, आज वो सबसे बेमिसाल।
ना शिकस्त की फिक्र है, ना अब किसी जीत की आरज़ू,
सब ख़त्म हो गया… अब बस मैं और मेरी ख़ुद से दुश्मनी बाकी रह गई।
kajal Thakur 😊