जिला जूरी कोर्ट - थानों-अदालतों को सुधारने के लिए प्रस्तावित क़ानून (डिस्ट्रिक्ट जूरी क्कोर्ट - प्रपोस्ड नोटिफिकेशन तो एनेक्ट लोअर जूरी कोर्ट्स)
यह क़ानून जिला स्तर पर थानों, अदालतों, सरकारी स्कूलों, अस्पतालों आदि का काम काज सुधारने के लिए लिखा गया है। मुख्यमंत्री इसे अन्य जिलो या पूरे राज्य में भी लागू कर सकते है। इस कानून को मुख्यमंत्री विधानसभा से पास किये बिना
सीधे गेजेट में छाप सकते है। #जिला जूरी कोर्ट, #वोटेवापसी पासबुक, #आरआरपी05
भाग (1) : नागरिकों के लिए सामान्य निर्देश
टिप्पणी : यह कानून उस जिले में लागू होगा जिस जिले के लिए मुख्यमंत्री ने राजपत्र अधिसूचना प्रकाशित की है।
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यदि आपका नाम जिले की बोटर लिस्ट में है तो यह कानून पास होने के बाद आपको जूरी ड्यूटी के लिए बुलाया जा सकता है। जूरी ड्यूटी में आपको आरोपी, पीड़ित, गवाहों व दोनों पक्षों के वकीलों द्वारा प्रस्तुत सबूत देखकर बहस सुननी होगी और सजा / जुर्माना या रिहाई का फैसला देना होगा। जूरी का चयन वोटर लिस्ट में से लॉटरी द्वारा किया जाएगा और मामले की गंभीरता देखते हुए जूरी मंडल में 15 से 1500 तक सदस्य होंगे। यदि आपका नाम लॉटरी में निकल आता है तो आपको निचे दिए अपराधो के मुकदमे सुनने के लिए बुलाया जा सकता है:
1. हत्या, हत्या के प्रयास, मारपीट, हिंसा, अप्राकृतिक मानव मृत्यु, दलित उत्पीड़न, एससी-स्ट एक्ट के मामले ।
2. अपहरण, बलात्कार, छेड़छाड़, कार्यम्थल पर उत्पीड़न, दहेज़, घरेलू हिंसा, डिवोर्म, वैवाहिक झगड़े।
3. सभी प्रकार के सार्वजनिक प्रसारणों से सम्बंधित सभी मामले एवं सम्बंधित सभी आपत्तियां ।
4. किरायेदार-मकान मालिक विवाद, 2 करोड़ से कम मूल्य की प्रोपर्टी के विबाद। मृत्यु भोज की शिकायतें ।
5. धारा (2) में दिए गए अधिकारियों के खिलाफ आने वाली समन्त नागरिक शिकायतें एवं मामले।
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यह क़ानून गेजेट में छपने के 30 दिनों के भीतर जिले के प्रत्येक मतदाता को एक वोट वापसी पासबुक मिलेगी। निम्नलिखित अधिकारी इस वोट वापसी पासबुक के दायरे में आयेंगे:
1. जिला पुलिस प्रमुख
2. जिला शिक्षा अधिकारी
3. जिला चिकित्सा अधिकारी
4. जिला जज
5. जिला मिलावट रोकथाम अधिकारी
6. जिला जूरी प्रशासक
तब यदि आप ऊपर दिए गए किसी अधिकारी के काम-काज से संतुष्ट नहीं है, और उसे निकालकर किसी अन्य व्यक्ति को लाना चाहते है तो पटवारी कार्यालय में जाकर स्वीकृति के रूप में अपनी हाँ दर्ज करवा सकते है। आप अपनी हाँ एसएमएस, एटीएम या मोबाईल ऐप मे भी दर्ज करवा सकेंगे। आप किसी भी दिन अपनी स्वीकृति दे सकते है, या अपनी स्त्रीकृति रद्द कर सकते है। आपकी स्वीकृति की एंट्री बोट वापसी पासबुक में आएगी। यह स्वीकृति आपका बोट नहीं है। बल्कि यह एक सुझाव है।
#जिला जूरीकोर्ट, मुख्यमंत्री जी, यह क़ानून गेजेट में छापें भेजने वाले का हस्ताक्षर)
ई 1 में से 12