तेरे बिना यह जो सांसें रुकतीं,
इनमें कोई बात नहीं बाकी रहतीं।
दिल का जो दर्द था, वह अब ग़म हो गया,
तेरे बिना सब कुछ वीरान हो गया।
आंखों की जन्नत में, ख्वाबों का जहां था,
अब वो सब अधूरा, आधा सा पड़ा है।
तेरे बिना ये सफर रुका सा लगता है,
हर रास्ता अब खाली सा लगता है।
कभी जो थे हम, वो पल अब खो चुके,
दिल की गहराई में, हम तो बस रो चुके।
कभी जो था प्यार, अब वो एक सवाल है,
क्या तुमने भी कभी दिल से हमे चाहा था?
सुनो, जब से तुम दूर गए हो,
ये ख्वाब मेरे और टूट गए हो।
तुम हो तो इश्क़ है, तुम हो तो राहत,
लेकिन अब ये दिल बस पी रहा है आफत।
ज़िंदगी की राहों में जो थमा था,
वक़्त के साए में वो ढूंढा था।
हर एक दर्द को छुपा के रखा था,
दिल में जो रिश्ता था, वो तोड़ा था।
आंखों में आंसू की लहरों से,
छुपते थे सपने, फिर भी ये कहने से,
दर्द की ताकत को समझ नहीं पाए,
दिल के रखवाले कभी यूं कभी वैसे।
जब दर्द की बात की थी मैंने,
दिल की खुशबू को उड़ा दिया था मैंने।
वो जो इक राह थी, खोया था रास्ता,
हर खुशी से कभी बेबाक था, कभी रस्ता।
कुछ तो बात थी, कुछ तो राज़ था,
दिल का दर्द कैसे कुछ समझ पाता था।
वक़्त की आरज़ू में अपना था,
जब खोया था सब, तो कहां था।