में बैठी हु तेरा नाम लेकर
तू भी कभी पूछ तो सही
कभी में न बोलूं तो
मेरी तन्हाई सुन तो सही
कितना प्यार लुटाया तुझपे
कभी तू भी तो मुझे देख तो सही
तुमसे कभी कुछ मांगा है क्या
प्यार बिन मांगे जता तो सही
में रुकूंगी न तुझे कही जाने से
मुड़ के मेरी खबर तो ले सही