जीवन संघर्ष है, एक अनदेखा सफर,
कभी तलवार से, कभी धागे से बंधा ये दर।
पल-पल की जंग, भीतर से लहूलुहान,
सपनों की चिंगारी, सच्चाई से अफ़साना।
आंधी में बर्फ के टुकड़े ज्यों उड़ते हैं,
उसी तरह हमारे अरमान चुराए जाते हैं।
सागर के गहरे में लहरों से लड़ा,
फिर भी किनारे तक हर नाव है बढ़ा।
सपने टूटते हैं, फिर भी रौशनी खड़ी रहती है,
हार के बाद ही जीत की पहली कड़ी रहती है।
सभी कहते हैं राह मुश्किल है, लेकिन हर रुकावट,
नए पंखों से चिड़ीया को उड़ान देता है।
संघर्ष से ही तो जीवन की ख्वाहिश जिंदा रहती है,
जो लड़ा नहीं, वह कभी अपने आप से नहीं मिलती है।
हर दर्द, हर आँसू एक कहानी बनती है,
जीवन के संघर्ष में ही तो एक नई सुबह खड़ी रहती है।