देखा आपकी आंखो में तो
एक शोर था....।
मिलने को मुझसे तेरा जो
दील चोर था....।
खामोशी ठहरी थी आंखो में
तेरी वो कुछ ओर था ....।
मिला मुझे तेरी खामोशी का शोर
जो दील को बेचैन करने पे मजबूर था...।
मुस्कुराती उन आंखो में जो डूबे
थे वो एक दर्द था....।
ठहर गए हो आके अब ना जाओ पिया
प्यार हमारा भी बेशुमार था... ।
shital ⚘️