विषय- वक्त़
कविता
शीर्षक-वक़्त की ताकत
वक़्त हर किसी का आता है।
आज बुरा है, तो कल अच्छा होगा।
वक़्त इनसान को टॉप पर पहुॅंचा देता है।
कभी टॉप पर से गिरा भी सकता है।।
वक़्त का कभी गुमान मत करना।।
एक वक़्त था गांडीव की टंकार ।
धरती को ध्रुजा रही थी।।
एक वक़्त था काबे ने।
अर्जुन को लूॅंट लिया था।।
वक़्त का कभी गुमान मत करना।।
बड़े-बड़े राजपद खो गए।
वक़्त की ठोकरों पर।।
वक़्त का पहिया घूमता है।
एक नहीं चलती किसी की वक़्त के आगे।।
वक़्त का कभी गुमान मत करना।।
डॉ दमयंती भट्ट