तेरे अधर से लड़ाऊ मेरे अधर रात भर,
सुनु दिल की तेरी धड़कन होके बेखबर,
छू लूं तुमको हवाओ के संग, रखूं बेअसर,
आंखो में वो प्यास जगाऊ तेरे ,देखूं बाहों में भर,
करीब इतना रहूं सुने मेरे पसीने की बूंद तेरी सांसे,
दो बदन न रखे अंतर और दिल पे पसीना फंसे,
बाहों में भरके तुझे करू इतना प्यार जमाने को भूलकर,
बंदगी करू खुदा से तू हर जन्म मिले ऐसे ही दिल में बसकर,
दिल की बाते तुम जानो, हम जाने, उजाला हो या अंधेरा,
होठों को लगा लो मेरे गले पे ,और बनालो प्यार गहरा।
❤️नंदी❤️🐃
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