तुम थे तब
सब आसान लगता था
छोटी - छोटी चीजों के लिए जिद्द कर लेना
कह लेना , लड़ लेना
पर अब लड़ने वाला कोई नही।
आज बड़ी से बड़ी बात
सुनने वाला कोई नही
कहने को तो बहुत लोग है
पर अब मेरे जन्मदिन पर कपड़े लाकर
छुपाने वाला कोई नही।।
सभी है पापा
पर अब वो चॉकलेट खाने वाला
पेन लेने वाला कोई नही।
लगता है कही छूट गई हूँ
कही खो आई हूँ खुद को
पर अब मुझमें मुझको
खोजने वाला कोई नही
कोई नही
कोई भी नही।।
मीरा सिंह