मोहब्बत तबाही की गवाही देती है,हर सकूं को छीन कर हर खुशी से रिहाई देती है,दर्द रहता है राहत मगर क्यूं लगता है,ना जीने देती है ये ना जिंदगी से विदाई देती है।

-Shrikar Dixit

Hindi Shayri by Shrikar Dixit : 111883753
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