यदि आप पीड़ा में हैं, मानसिक वेदना खाये जा रही है तो इसका निराकरण अपने अन्दर खोजें या अपने आराध्य को सब कह दें.. हल आप तक स्वयं आ जाएगा चलकर।
लेकिन गलती से भी क्षणिक सुख के लिए आप किसी व्यक्ति
वस्तु
स्थान
या
किसी मनोरंजन के साधन का सहारा लें लिए
तो ये
आपके दुःख को बढ़ाएगा ही