मस्तक तुलसी जब सजे, 'धनुष-बाण' हो हाथ।
इक मुरली इक मोर-पंख, संग राधा का साथ।।
देवकी नंदन कृष्ण-कन्हैया, यशोदा के हो लाल।
त्रेता में तुम आदर्श रूप, द्वापर के थे तारणहार।।
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🌹जय श्री Զเधे कृष्ण🌹
🥀 !! कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं !! 🥀
// वीर //