🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
संध्याकाल संध्या वंदन
रविवार इतवार संडे जय
श्री सूर्य देवाय
नमः- ब्रह्मदत्त
आरती भगवान श्री
सूर्य देव की ब्रह्मदत्त
शुभ संध्या वंदन रविवार इतवार संडे साक्षात दर्शन देने वाले भगवान श्री सूर्य
देव आपको संध्याकाल प्रणाम नमन नमस्कार है ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़ एवं सभी भक्तों का, रविवार आज 26 जून की रविवार संध्याकाल है सभी सूर्य देव
भक्तों को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़ एवं समस्त सूर्य देव भक्तों की तरफ से, आओ स्तुति करें भगवान श्री सूर्य देव आरती की
ᎪᎪᎪᎪᎪᎪᎪᎪᏗ
श्री सूर्यदेव की आरती
ᎪᎪᎪᎪᎪᎪᎪᏗᏗ
ॐ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान।
जगत् के नेत्रस्वरूपा, तुम हो त्रिगुण स्वरूपा।
धरत सब ही तव ध्यान, ॐ जय सूर्य भगवान ।।
।। ॐ जय सूर्य भगवान... ।।
सारथी अरुण हैं प्रभु तुम, श्वेत कमलधारी। तुम चार भुजाधारी।।
अश्व हैं सात तुम्हारे, कोटि किरण पसारे। तुम हो देव महान।।
।। ॐ जय सूर्य भगवान... ।।
ऊषाकाल में जब तुम, उदयाचल आते। सब तब दर्शन पाते।।
फैलाते उजियारा, जागता तब जग सारा। करे सब तब गुणगान ।।
।।ॐ जय सूर्य भगवान... ।।
संध्या में भुवनेश्वर अस्ताचल जाते। गोधन तब घर आते ।।
गोधूलि बेला में, हर घर हर आंगन में। हो तव महिमा गान।।
।।ॐ जय सूर्य भगवान... ।।
देव-
- दनुज नर-नारी, ऋषि-मुनिवर भजते। आदित्य हृदय जपते ।।
स्तोत्र ये मंगलकारी, इसकी है रचना न्यारी दे नव जीवनदान।।
।।ॐ जय सूर्य भगवान... ।।
तुम हो त्रिकाल रचयिता, तुम जग के आधार। महिमा तब अपरम्पार ।।
प्राणों का सिंचन करके भक्तों को अपने देते। बल, बुद्धि और ज्ञान ।
।।ॐ जय सूर्य भगवान... ।।
भूचर जलचर खेचर, सबके हों प्राण तुम्हीं। सब जीवों के प्राण तुम्हीं।
वेद-पुराण बखाने, धर्म सभी तुम्हें माने। तुम ही सर्वशक्तिमान ।।
।।ॐ जय सूर्य भगवान... ।।
पूजन करतीं दिशाएं, पूजे दश दिक्पाल। तुम भुवनों के प्रतिपाल।।
ऋतुएं तुम्हारी दासी, तुम शाश्वत अविनाशी । शुभकारी अंशुमान।।
।। ॐ जय सूर्य भगवान... ।।
ॐ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान।
जगत् के नेत्रस्वरूपा, तुम हो त्रिगुण स्वरूपा। स्वरूपा।।
धरत सब ही तव ध्यान, ॐ जय सूर्य भगवान ।। प्रस्तुतकर्ता ब्रह्मदत्त त्यागी
हापुड़