Hindi Quote in Good Evening by ब्रह्मदत्त उर्फटीटू त्यागी चमरी हापुड़

Good Evening quotes are very popular on BitesApp with millions of authors writing small inspirational quotes in Hindi daily and inspiring the readers, you can start writing today and fulfill your life of becoming the quotes writer or poem writer.

संध्याकाल संध्या वंदन मंगलवार 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़ एवं सभी श्री राम एवं हनुमान भक्तों का भगवान श्री राम एवं हनुमान जी को बारंबार प्रणाम नमन नमस्कार है आज मंगलवार है
👉सभी श्री राम भक्तों को हनुमान भक्तों को मंगलवार की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़ एवं समस्त भक्त जनों की तरफ से.......
👉श्री हनुमान चालीसा पाठ ब्रह्मदत्त त्यागी
👉🌺॥ दोहा ।
श्री गुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुर सुधारि!बरनऊ रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि ॥
बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरो पवन कुमार!बल बुद्धि विद्या देहु मोहिं हरहु कलेश विकार ॥
।। चौपाई॥
जय हनुमान ज्ञान गुण सागर!जय कपीस तिहुँ लोक उजागर॥
राम दूत अतुलित बल धामा!अंजनि पुत्र पवनसुत नामा॥
महावीर विक्रम बजरंगी!कुमति निवार सुमति के संगी ॥
कंचन बरन बिराज सुबेसा! कानन कुण्डल कुंचित केसा ॥
हाथ बज्र और ध्वजा बिराजे!काँधे मूँज जनेऊ साजै॥
शंकर सुवन केसरीनन्दन।तेज प्रताप महा जग बन्दन ॥
विद्यावान गुणी अति चातुर!राम काज करिबे को आतुर॥
प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया!रामलखन सीता मन बसिया ॥
सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा।विकट रूप धरि लंक जरावा॥
भीम रूप धरि असुर संहारे!रामचन्द्र के काज सवारे ॥
लाय संजीवन लखन जियाये।श्रीरघुवीर हरषि उर लाये॥
रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई!तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई॥
सहस बदन तुम्हरो यश गाये।अस कहि श्री पति कंठ लगायें॥
सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा!नारद सारद सहित अहीसा॥
जम कुबेर दिकपाल जहां ते!कवि कोबिद कहि सके कहाँ ते ॥
तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा।राम मिलाय राज पद दीन्हा॥
तुम्हरो मन्त्र विभीषन माना। लंकेश्वर भये सब जग जाना॥
जुग सहस्त्र योजन पर भानू ।लील्यो ताहि मधुर फल जानू॥
प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं।जलधि लांघि गए अचरज नाहीं ॥
दुर्गम काज जगत के जेते।सुगम अनुग्रह तुम् रह तेते थे॥
राम दुआरे तुम रखवारे ।होत न आज्ञा बिनु पैसारे॥
सब सुख लहै तुम्हारी शरना।तुम रक्षक काहू को डरना॥
आपन तेज सम्हारो आपै!तीनों लोक हांक में कांपै॥
भूत पिशाच निकट नहि आवै।महावीर जब नाम सुनावै ॥
नाशे रोग हरे सब पीरा।जपत निरंतर हनुमत बीरा॥
संकट से हनुमान छुड़ाये।
मन क्रम वचन ध्यान जो लावे ॥
सब पर राम तपस्वी राजा!तिन के काज सकल तुम साजा ॥
और मनोरथ जो कोई लाये।सोइ अमित जीवन फल पाये॥
चारों जुग परताप तुम्हारा!है परसिद्ध जगत उजियारा ॥
साधु सन्त के तुम रखवारे ।असुर निकन्दन राम दुलारे ॥
आए सिद्धि नवनिधि के दाता!अस पर दीन जानकी माता ॥
राम रसायन तुम्हरे पासा!सदा रहो रघुपति के दासा ॥
तुम्हरे भजन राम को पावै।जन्म जन्म के दुख बिसरावै॥
अन्तकाल रघुबर पुर जाई!जहाँ जन्म हरि-भक्त कहाई॥
और देवता चितन धरेई।हनुमत से सर्व सुख करई ॥
संकट कटे मिटे सब पीरा।जो सुमिरै हनुमत बलबीरा॥
जय जय जय हनुमान गोसाई!कृपा करहु गुरुदेव की नाई॥
जो शत्] बार पाठ करें कोई!
छूटहि बंदि महा सुख होई ॥
जो यह पढ़े हनुमान चालीसा!हो सिद्धि साखी गौरीसा॥
तुलसीदास सदा हरि चेरा! की जै नाथ
हृदय में डेरा॥
👉॥ दोहा || पवनतनय संकट हरन, मंगल मूरति रुप➖
राम लखन सीता सहित, हृदय बसुह सुर भूप॥➖
➖➖➖➖🔔🔔इतिश्री हनुमान चालीसा ➖ ब्रह्मदत्त ➖➖➖➖🔔🔔
हनुमान चालीसा पाठ निरंतर करने से सभी विकारों का एवं बाधाओं का अंत होता है.........➖ प्रस्तुतकर्ता ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़

Hindi Good Evening by ब्रह्मदत्त उर्फटीटू त्यागी चमरी हापुड़ : 111807512
New bites

The best sellers write on Matrubharti, do you?

Start Writing Now