कुछ लिखा है तेरीलिए कभी मिलोगे तो सुनाऊँगी
सपने कुछ तेरे साथ मेरे हर रोज सिरहाने रख के सोते है,
कभी ख्वाब मे भी आया करो वहा भी तुम्हे पाने की कोशिश नही होती,
तेरी लबों की हसी पे दिल लूट जाता है,
तेरी बिना कही हुयी बातों पे दिल मिट सा जाता है,
तु चांद है मेरा दूर है लेकिन रोज दिखाई देता है,
माना की कभी आधा होता है लेकिन रोज आहोश मे भरता है,
क्या हुआ तु नही है पास मेरे जिस्म तो जरूरते जानता है,
लेकिन रूह सिर्फ मुहब्बत जानती है,
कुछ लिखा है तेरेलिए कभी मिलोगे तो सुनाऊँगी..........,
Piya