" तो क्या हुआ ....… "
एक बार फिर से दिल ही तो टूटा है ।
तो क्या हुआ ।
अब जैसे जींदगी भी हमसे रूठी है ।
तो क्या हुआ ।
सपने हैं बड़े और समय है कम ,
तो क्या हुआ ।
मंजिल है दूर और रास्ते हैं , कठीन
तो क्या हुआ ।
आगे तो चलना है । पर चल नहीं पाते ,
तो क्या हुआ ।
आगे चलते भी हो लेकिन ठोकरें लगती है ।
तो क्या हुआ ।
दिल से कोई पुछता नहीं । केसे जी रहे हो तुम ,
तो क्या हुआ ।
अगर कोई पुछ भी लेता , तो बताने का जी नहीं करता ।
तो क्या हुआ ।
आज नहीं बताओगे , शायद कल नहीं बताओगे ।
तो क्या हुआ ।
पर शायद आईने में भीगी मुस्कान के साथ खुद को एक बार तो पुछोगे ।
तो क्या हुआ ।
आज थोड़े अंधेरे में हो पर रोशनी की नजदीक हो ।
यही काफी है ।
तुम अकेले नहीं , तुम खुद के साथ हो ।
यही काफी है ।
जींदगी में बहोत कडवे लम्हे मिले हैं । पर ,
साथ में मीली सीख मीठी ट्राफी है ।
बस इस वक़्त को संभल जाओ ............
इस वक़्त को संभल जाओ ............
यही काफी है ।
✍️ Vyas Dhara ✍️