वैसे खास तो कोई अवसर नहीं है,
मां की याद या उपस्थिति ही अवसर को खास बना देती है।
एक सुंदर सा गाना मां की याद में, मां और उनकी ममता को बिट्टू श्री दार्शनिक की और से सदा समर्पित।
मां जहां भी हो खुश हो, स्वस्थ हो, हस्ती रहे, मुस्कुराती रहे, सुरक्षित रहे, सम्मानित रहे। मां को ढेर सारा प्यार ! अपने आशीर्वाद बनाए रखना।
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ऊंचा है भवन
ऊंचा मंदिर
ऊंची है शान...
मैया तेरी.....
चरणों में जुके,
बादल भी तेरे
पर्वत पे लगे
शैय्या तेरी ..
हे काल रात्रि हे कल्याणी,
तेरा जोड़ धारा पर कोई नही,
मेरी मां के बराबर कोई नहीं।
मेरी मां के बराबर कोई नहीं।
तेरी ममता से जो गहरा हो,
एसा तो सागर कोई नहीं।
मेरी मां के बराबर कोई नहीं।
मेरी मां के बराबर कोई नहीं।
जैसे धारा और नदियां,
जैसे फूल और बगियां।
मेरे इतना ज्यादा पास है तू....
जब ना होगा तेरा आंचल,
नैना मेरे होंगे जलथल...
जाएंगे कहां फिर मेरे आंसू ...?!
दुख़ दूर हुआ मेरा सारा,
अंधियारों में चमका तारा,
नाम तेरा जब भी है पुकारा......
सूरज भी यहां है चंदा भी,
तेरे जैसा उजागर कोई नहीं।
मेरी मां के बराबर कोई नहीं।
हे काल रात्रि हे कल्याणी,
तेरा जोड़ धारा पर कोई नही,
मेरी मां के बराबर कोई नहीं।
तेरे मंदिरों में माई !
मैने जोत क्या जलाई,
हो गया मेरे घर में उजाला..
क्या बताऊं तेरी माया,
जब कभी में लड़खड़ाया,
तूने दस भुजाओं से संभाला...
खिल जाती है सुखी डाली,
भर जाती है जोली खाली..
तेरी ही मेहर है मेहरावाली..
ममता से तेरी बढ़के मैया,
मेरी तो धरोहर कोई नहीं।
मेरी मां के बराबर कोई नहीं।
हे काल रात्रि हे कल्याणी,
तेरा जोड़ धारा पर कोई नही,
मेरी मां के बराबर कोई नहीं।
मेरी मां के बराबर कोई नहीं।
तेरी ममता से जो गहरा हो,
एसा तो सागर कोई नहीं।
मेरी मां के बराबर कोई नहीं।
मेरी मां के बराबर कोई नहीं।
#jubin_nautiyal
#दर्शना_मां
#बिट्टू_की_ममा